सदर दिगम्बर जैन इंटर में सौरभ सागर जी महाराज के प्रवचन
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जन्मदिन पर चाहे टॉफ़ी ही बांटो लेकिन कुछ काटो मत और मोमबत्ती बुझाओ मत दिया जलाओ
मेरठ। जीवन आशा हॉस्पिटल प्रणेता परम पूजनीय आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महाराज ने आज सदर स्थित दिगम्बर जैन गर्ल्स इण्टर कॉलेज के प्रांगण में स्कूल की बालिकाओं को संबोधित किया। आचार्य श्री अपने थापर नगर प्रवास के अंतर्गत आज विशेष रूप से स्कूल प्रांगण में पधारे सर्वप्रथम आचार्य सौरभ सागर जी महाराज के दादा गुरु आचार्य विमल सागर जी महाराज की 111 वीं जयंती के अवसर पर चित्राणावरण हुआ। तत्पश्चात दीप प्रज्वलन और स्कूल की छात्राओं द्वारा मंगलाचरण से कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ हुआ।
आचार्य श्री का सम्बोधन
आचार्य श्री ने अपने सम्बोधन में उपस्थित छात्राओं से कहा की सृष्टि ने केवल महिलाओं को ही अपनी समस्त शक्तियां प्रदान की है जैसे विद्या की देवी सरस्वती धन की देवी लक्ष्मी और शक्ति की देवी दुर्गा उन्होंने कहा की अगर ये शक्ति सकारात्मकता की तरफ चले तो दुनिआ बदल सक्ति है और अगर ये नकारात्मक हो जाए तो विनाश। आचार्य श्री ने परिहास में कहा की पुरुषों को नीले ड्रम से पानी निकलने की ताक़त दी है परन्तु स्त्री चाहे तो पुरुष को नीले ड्रम में डूबा सकती है। आचार्य श्री ने बच्चो को कहा की हमारे देह की संस्कृति काटने और बुझाने की नहीं है, इसलिए अपने जन्मदिन पर चाहे टॉफ़ी ही बांटो लेकिन कुछ काटो मत और मोमबत्ती बुझाओ मत दिया जलाओ जिस से प्रकाश फैले न की अँधियारा इसी तरफ अपने ज्ञान से उच्च संस्कारो से संसार में खुशियां बांटो रौशनी फैलाओ संसाधन की कमी के बावजूद एक मछुआरे के घर जन्म लेकर डॉक्टर कलम राष्ट्रपति बन गए एक महिला अपनी मेहनत लगन से आज हमारे देश की वर्त्तमान राष्ट्रपति हैं उन्होंने कहा की अगर बच्चे जिस कक्षा में हैं उतने ही घंटे मन लगा कर पढाई करेंगे तो निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी उन्होंने उन्होंने कहा की जीवन में कभी ऐसा काम मत करना जिससे आपके माता पिता का सर किसी के सामने झुके उन्होंने आगे कहा की केवल स्त्री ही होती है जिसके ऊपर दो कुलों की रक्षा का भार होता है उन्होंने कहा की जीवन में सुई बनने की कोशिश करना जो जोड़ने के काम आती है कैंची नहीं जो काटने के काम आये आचार्य श्री ने जीवन के तीन मूल मंत्र बताये की सबसे पहले कोई भी काम करो उसे क्रमानुसार करना समयबद्धत्ता से करना और नियमानुसार करना उन्होंने मांसाहार के सम्बन्ध में कहा की अपनी रसोई को न शमशान बनाओ न अपने पेट को कब्रिस्तान उन्होंने कहा की अपने नैतिक आचरण को कभी मत छोड़ना।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल की प्रिंसिपल डॉक्टर दीप्ति राघव और स्कूल स्टाफ तथा मैनेजमेंट के अध्यक्ष दिनेश चंद जैन प्रबंधक अनुपम जैन कार्यकारिणी समिति के सत्येंद्र जैन अरुण जैन प्रदीप जैन संस्थापक समिति के राजेंद्र जैन आदि ने अतुलनीय योगदान दिया प्रवचन में मेरठ के विभिन्न समाजों के अनेकों जैन श्रद्धालु भी उपस्थित रहे कार्यक्रम के उपरांत उपस्थित छात्राओं को सुरेंद्र जैन जी और से मिष्ठान वितरण किया गया
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