मेरठ। मस्जिद के बाहर हनुमान चालिसा के एलान के पुलिस प्रशासन के आला अफसरों ने केसरगंज मंडी और मस्जिद के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी (PAC) के जवानों को तैनात कर पूरे क्षेत्र को छावनी में बदल दिया गया है। पुलिस ने अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही को उनके घर पर ही नजरबंद (House Arrest) कर दिया। इंस्पेक्टर सिविल लाइन बीती रात भारी पुलिस फोर्स लेकर सचिन सिरोही के आवास पर पहुंच गए और हाउस अरेस्ट कर लिया। हालांकि सचिन ने सफाई दी कि उनका इस कार्यक्रम से कुछ लेना देना नहीं, लेकिन बाद में चेतावनी देते हुए सीएम योगी से इस मस्जिद पर बुल्डोजर चलवाए जाने की मांग की। वहीं, हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड अध्यक्ष ललित कुमारको मेरठ की सीमा (टोल प्लाजा) पर ही रोक दिया गया। पिंकी चौधरी भी मेरठ नहीं पहुंच सके। पुलिस और प्रशासन की सख्त घेराबंदी के कारण मंगलवार को कोई भी हिंदू संगठन या कार्यकर्ता हनुमान चालीसा पाठ के लिए मस्जिद तक नहीं पहुंच सका
चप्पे-चप्पे पर पहरा
केसरगंज में चप्पे-चप्पे पर पहरा है।पुलिस ने केसरगंज मंडी के दोनों मुख्य द्वारों पर बैरिकेडिंग लगा दी है और केवल स्थानीय निवासियों को ही आईडी कार्ड देखने के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से स्थानीय लोगों से अपने घरों के भीतर रहने की अपील की ताकि कोई शांतिभंग न हो। बाहरी लोगों की मस्जिद में नमाज पढ़ने की एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है। मौके पर 5 थानों की पुलिस, 100 से अधिक पुलिसकर्मी और पीएसी (PAC) के जवान तैनात रहे। लाउडस्पीकर से लगातार घोषणा की जा रही थी कि लोग अपने घरों के अंदर ही रहें।
पिंकी चौधरी को लगाई फटकार
व्यापारी नेता संघी वर्मा ने हिंदू संगठनों के कड़े बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि पिंकी चौधरी को अपने घरों में ही हनुमान चालीसा पढ़नी चाहिए और मेरठ की शांति व सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दूसरी ओर, मस्जिद के मुतवल्ली जुबैर ने भी इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। एसपी सिटी (SP City) विनायक गोपाल भोंसले पुलिस बल के साथ खुद मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और पूरे क्षेत्र में पूरी सतर्कता बरती जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रहे। वहीं दूसरी ओर कुछ हिन्दू संगठनों ने भी पिंकी चौधरी को लताड़ते हुए कहा कि उनका मकसद केवल शोर करना है। चुपचाप आते और हनुमान चालिसा का पाठ करते तब बात और होती, लेकिन उन्हें हनुमान चालिसा का पाठ नहीं करना था केवल पब्लिसिटी बटोरनी थी।
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