Home Delhi चंपत राय व अनिल मिश्रा ने दिया ट्रस्ट से इस्तीफा
Delhi

चंपत राय व अनिल मिश्रा ने दिया ट्रस्ट से इस्तीफा

चंपत राय व अनिल मिश्रा ने दिया ट्रस्ट से इस्तीफा

Share
चंपत राय व अनिल मिश्रा ने दिया ट्रस्ट से इस्तीफा
Share

नई दिल्ली। अयोध्या जी के श्रीराम मंदिर में चढावा व चंदा चोरी मामले में गंभीर आरोपों में घिरे चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफा और एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने भी पूरे प्रकरण को लेकर विहिप और आरएएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इन्हें महापाप की वजह बताया है। वहीं दूरी ओर गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की सिफारिश पर अयोध्या पुलिस ने की हैं सभी 8 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

अयोध्या के राम मंदिर में जांच का काम कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में बनी एसआईटी कर रही है। हालांकि विधि विशेषज्ञों, तमाम विरोध दलों के नेताओं और गैर गोदी पत्रकारों ने बगैर एफआईआर दर्ज किए पहले एसआईटी बनाकर जांच कराए जाने की सरकार की मंशा पर भी सवाल खड़े किए है। यूपी के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने इसको गलत बताया है। नियमानुसार पहले एफआईआर होती उसके बाद एसटीआई या किसी भी एजेंसी से जांच करायी जाती। इसके अलावा इतना वक्त एफआईआर दर्ज करने में लगाए जाने को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

 राहत क्यों

अयोध्या रामंदिर ट्रस्ट के चंपक राय और अनिल मिश्रा को राहत की वजह से सरकार और एसआईटी पर सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जांच में चंपत राय की भूमिका को सीधे चोरी के बजाय प्रशासनिक लापरवाही के दायरे में देखा गया है, क्योंकि आरोपियों में उनका पूर्व ड्राइवर और उनके द्वारा अनुशंसित स्टाफ शामिल था। हालांकि तर्क दिया जा रहा है कि सीधे सबूतों का अभाव है।एफआईआर केवल उन लोगों पर की गई है जो सीधे तौर पर नोटों की गिनती (कैश काउंटिंग), सुरक्षा या दान पेटियों के प्रबंधन से जुड़े थे और जिनके खिलाफ चोरी व हेराफेरी के प्रत्यक्ष सबूत मिले हैं। जैसे विपक्षी दलों का सीधा आरोप है कि चंपत राय के आरएसएस (RSS) और भाजपा (BJP) से गहरे जुड़े होने के कारण सरकार उन्हें राजनीतिक संरक्षण दे रही है। विपक्ष के मुताबिक, केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को फंसाकर मुख्य ज़िम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eight − one =

Related Articles

भारत से दूर चीन की गोद में जा बैठा बंगलादेश

भारत से दूर चीन की गोद में जा बैठा बंगलादेश

मिडिल ईस्ट के हालात अभी भी बेहद हैं नाजुक

मिडिल ईस्ट के हालात अभी भी बेहद हैं नाजुक

पीएम मोदी ने आपातकाल को लोकतंत्र का काला दौर बताया

पीएम मोदी ने आपातकाल को लोकतंत्र का काला दौर बताया

कतर विस्फोट में 12 भारतीय श्रमिकों की मौत

कतर विस्फोट में 12 भारतीय श्रमिकों की मौत