आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की दो दिन के लिए लखनऊ में
आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की दो दिन के लिए लखनऊ में
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मेरठ। कर्मचारियों को लखनऊ में आज हो हुई आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की शासन और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक से अच्छी खबर की उम्मीद है। दो दिवसीय दौरे पर आई आयोग की टीम अलग-अलग सत्रों में अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों का पक्ष सुनेगी तथा उनके सुझावों को दर्ज करेगी। वित्त विभाग द्वारा विशेष सचिव नील रतन कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। आयोग की टीम वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ दो दिन बैठक कर यह आकलन करेगी कि आठवें वेतन आयोग की संभावित सिफारिशों के लागू होने से राज्य सरकार पर कितना अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। साथ ही वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य सेवा लाभों से जुड़े आंकड़ों पर भी चर्चा होगी। बैठक के दौरान वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने राज्य की वित्तीय स्थिति, पेंशन व्यय, सेवानिवृत्ति लाभ तथा कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।आयोग इन जानकारियों के आधार पर अपनी आगामी सिफारिशों के लिए आवश्यक फीडबैक एकत्र करेगा।
ओटीएस पर फैसले की उम्मीद
कर्मचारी संगठनों की ओर से वेतन संरचना में सुधार, न्यूनतम वेतन में वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर, वार्षिक वेतन वृद्धि, पे-स्केल मर्जर, अवकाश, बोनस, कैडर मैनेजमेंट, करियर प्रोग्रेशन और सेवानिवृत्ति लाभों जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके साथ ही पुरानी पेंशन बहाली की मांग भी आयोग के समक्ष रखी जाएगी। संगठन महंगाई भत्ता, शैक्षिक भत्ता, अतिरिक्त कार्य भत्ता, प्रतिनियुक्ति भत्ता, आवास किराया भत्ता, उत्कृष्ट सेवा भत्ता, यात्रा भत्ता सहित विभिन्न भत्तों में संशोधन और बढ़ोतरी के सुझाव भी देंगे। आठवें वेतन आयोग की यह बैठक कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे भविष्य की वेतन और सेवा शर्तों की रूपरेखा तय करने में मदद मिलेगी।
आठवें वेतन आयोग की टीम लखनऊ में दो दिवसीय दौरे पर। शासन और कर्मचारी संगठनों से अलग-अलग बैठकें। राज्य पर संभावित वित्तीय भार का होगा आकलन। पुरानी पेंशन, फिटमेंट फैक्टर, वेतन वृद्धि और विभिन्न भत्तों पर होगी चर्चा कर्मचारी संगठन आयोग के समक्ष अपने सुझाव और मांगें रखेंगे।
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