मेरठ। महानगर के वार्ड 33 के जिस प्राथमिक विद्यालय को स्वतंत्र प्रभार मंत्री सोमेन्द्र तोमर ने गोद लिया हुआ है उसकी भी सुध लेने को तैयार नहीं हैं। यूं तो यह पूरा ही वार्ड को देखकर अफसरों की लापरवाही इबारत आसानी से पढ़ी जा सकती है, लेकिन जिस स्कूल को गोद लिया गया था उसकी भी सुध ना लिया जाने से इस इलाके के लाेग ज्यादा हैरान और परेशान हैं। गोद लिए हुए स्कूल की चारदीवारी तक नहीं बनी है। या फिर अफसर यह भूले बैठे हैं कि इस प्राथमिक विद्यालय को स्वतंत्र प्रभार मंत्री ने गोद लिया हुआ है। इस स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को आसपास भरे गंदे पानी से होकर जाना पड़ता है। लोग बतात हैं कि यहां तो बगैर बारिश के ही हमेशा नालियों का पानी रास्ते पर भरा रहता है जिससे होकर बच्चे स्कूल तक पहुंचते हैं, लेकिन जब बारिश शुरू हो जाती है तो स्कूल के आसपास घुटने-घुटने तक पानी भर जाता है। उस गंदे पानी से होकर बच्चे और टीचर स्कूल पहुंचते हैं। ऐसा नहीं कि अफसर इससे नावाफिक हैं। वो सब जानते हैं, लेकिन यहां के लोगों की परेशानी को लेकर संवदेनशील नहीं है।
नगर निगम चुनाव में इस वार्ड के वाशिंदो ने बाला देवी को इस उम्मीद से नुमाइंदा चुना था कि यहां की मुसीबतें कम हो सकेंगी लेकिन ऐसा हो ना सका। यहां की परेशानियों की यदि बात करें तो इस वार्ड में प्रमुख समस्या सालों से बंद पड़े सीवर जिसकी वजह से नालियों का पानी बजाए सीवर में होकर बहने के सड़क और रास्तों पर बहता है। जब हर वक्त सड़क पर पानी भरा रहेगा तो लाजमी है कि वो टूट जाएंगी और रही सही कसर इस वार्ड में उन्होंने पूरी कर दी हैं जिन्होंने सड़क तक अवैध कब्जे किए हुए हैं। करीब दो दशक पहले यह इलाका नगर निगम में शुमार किया गया था। यह दक्षिण विधानसभा में आता है लेकिन मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में शुमार किए जाने के बाद भी अफसरों का रवैया इस वार्ड को लेकर सौतेला है। इस वार्ड के काजीपुर में साल 2007 में सीवर लाइन बनी थी। तब से आज तक सफाई नहीं हुई। अब सीवर का पानी पीने के पानी में मिल रहा है और बीमारियां बढ़ रही हैं। लोग नरक में रहने और नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। जलभराव और गंदगी से हालात खराब हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
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