Home मेरठ याद दिलाना नहीं भूलते अंग्रेजों के जमाने का है थाना सदर बाजार
मेरठ

याद दिलाना नहीं भूलते अंग्रेजों के जमाने का है थाना सदर बाजार

याद दिलाना नहीं भूलते अंग्रेजों के जमाने का है थाना सदर बाजार

Share
याद दिलाना नहीं भूलते अंग्रेजों के जमाने का है थाना सदर बाजार
Share
मेरठ। अंग्रेज भले ही चले गए हों, लेकिन लगता है कि उनसे हमदर्दी रखने वालों की आजाद भारत खासतौर से 1857 प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के उद्गम स्थल क्रांतिकारियों की धरती मेरठ में आज भी मौजूद हैं। जो लोगों को इस बात का अहसास दिलाना नहीं भूलते कि थाना सदर बाजार अंग्रेजों के जमाने का थाना है।

यह है पूरा मामला

टीपीनगर क्षेत्र निवासी एक युवक का बाबा जागेश्वरनाथ मंदिर के समीप किसी से विवाद हो गया था। उसके साथ की गयी मारपीट में उसका एक दांत भी झगड़ा करने वाले युवक ने तोड़ दिया। युवक का कहना है कि वो थाना सदर बाजार पहुंचा तो बजाए तत्काल उसकी मदद करने और डाक्टरी कराने के मौके पर मौजूद कोतवाल ने उसको यह याद दिलाना नहीं भुला कि यह अंग्रेजों के जमाने का थाना है। बकौल इस युवक शायद थानेदार उसको जो बताना चाहते थे उसका मंतव्य शायद यही था कि यह अंग्रेजों के जमाने का थाना है यहां फरियादियों की पुलिस अपने हिसाब से सुनती है।

कैंट विधायक ने दिया समझा

दिन शनिवार का था। एसएसपी ने यह दिन थाना दिवस के तौर पर मुकर्रर किया हुआ है। यह दिन थाना क्षेत्र के फरियादियों के लिए खासतौर से बनाया गया है। इस दिन थाना का कोई सक्ष्म पुलिस अफसर हर समय मौजूद होना चाहिए। हालांकि जब कैंट विधायक थाना सदर बाजार के थाना दिवस पर पहुंचे तो सीट खाली थी और उन्हें साइड में बैठकर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने थाना दिवस का रजिस्टर चैक किया। इस बीच थाने के कुछ कर्मचारी आ गए और थोड़ी देर बाद वहां सदर कोतवाल भी पहुंच गए। जागेश्वर नाथ मंदिर के समीप जिस युवक को पीटकर उसका दांत तोड़ दिया था वो युवक भी थाने पहुंच गया। कैंट विधायक ने खुद ही उनसे पूछ लिया कि अंग्रेजों के जमाने का थाना सदर बाजार होने की बात कहने से के पीछे क्या मंशा थी। कोतवाली मंशा तो नहीं बता पाए लेकिन कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने उन्हें बता दिया कि जिस वक्त पूरे भारत में ब्रिटिश की हुकूमत थी उस वक्त यहां तीन थाने हुआ करते थे। थाना सदर बाजार, थाना लाल कुर्ती और शहर में पुरानी कोतवाली। इसके बाद कैंट विधायक ने कार्रवाई के लिए थाना सदर बाजार की परिक्रमा कर रहे युवक के मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर सवाल किया तो जो कुछ भी बताया गया उससे थाना पुलिस के फरियादियों के प्रति कर्तव्य से कैंट विधायक संतुष्ट नजर नहीं आए। हालांकि कोतवाल उन्हें सफाई देते रहे। यहां तक कि जिस पुलिस कर्मी को पीड़ित युवक की डाक्टरी कराने को कहा था, वह भी लेट लतीफा ही निकला।

थाना सदर बाजार था केंद्र

सदर कोतवाल को अंग्रेजों का थाने में आने वाले फरियादियों को इस थाने के अंग्रेजों के जमाने का थाना होने की याद दिलाने की जरूरत क्यों पड़ी यह तो वही जाने लेकिन यहां याद दिला दें कि 9 मई और 10 मई 1857 को जो कुछ भी मेरठ में हुआ था उसका केंद्र थाना सदर बाजार ही था। क्रांतिकारियों ने अपने साथियों को छुड़ाने के लिए थाना फूंक तक दिया था। इसके अलावा भी इस थाने का काफी लंबा इतिहास है।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

11 + two =

Related Articles

कमल दत्त शर्मा ने लिया बहनों की सुरक्षा का संकल्प

कमल दत्त शर्मा ने लिया बहनों की सुरक्षा का संकल्प

राहुल पर FIR पर भड़के कांग्रेसी

राहुल पर FIR पर भड़के कांग्रेसी

संस्कृत विभाग में डिजिटल भगवद्गीता का पाठ

संस्कृत विभाग में डिजिटल भगवद्गीता का पाठ

घुमंतू समाज के लोगों को सीएम योगी का उपहार पक्के मकान

घुमंतू समाज के लोगों को सीएम योगी का उपहार पक्के मकान