नई दिल्ली। ईरान से अमेरिका और इजरायल की जंग को खत्म कराने के लिए चीन सरकार की ओर से ठोस पहल की गयी है। इसके लिए एक चार सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया गया है। हालांकि इस बात की आशंका है कि अमेरिका को चीनी का प्रस्ताव पसंद आएगा। क्योंकि इस चीनी प्रस्ताव में ईरान का पक्ष नजर आ रहा है। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक़ शी जिनपिंग ने कहा है कि इस संघर्ष को समाप्त करना ‘बेहद जरूरी’ है। दोबारा युद्ध शुरू होना मंजूर नहीं किया जा सकता। शी जिनपिंग ने कहा, ‘’मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने और उसे बढ़ावा देने के लिए मेरा चार सूत्रीय प्रस्ताव है। इससे अंतरराष्ट्रीय सहमति को मज़बूती मिलेगी, तनाव कम होगा, संघर्ष घटेगा और शांति को बढ़ावा मिलेगा।’’ शी जिनपिंग का यह चार सूत्रीय प्रस्ताव पिछले महीने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ उनकी बैठक के दौरान सामने आया था। इसमें शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, राष्ट्रीय संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान और विकास और सुरक्षा के बीच समन्वित दृष्टिकोण पर जोर दिया गया है।
पाकिस्तानी कोशिशें जारी
अमेरिका और ईरान के बीच एक दूसरे पर जुवानी हमलों के बावजूद पाकिस्तान की ओर से ईरान व अमेरिका के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराए जाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। पाकिस्तान सरकार के एक मंत्री और कुछ हाई ऑफिशल्स ने तेहरान का दौरान किया। ईरानी सरकार के उच्च पदस्त व इस्लामिक रिपब्लिक गार्ड कोर के अफसरों से भी बातचीत की। पाकिस्तानी डेलीगेशन इस्लाबाद लौट आया है।
ट्रंप बोले जल्दबाजी नहीं
इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान आया है कि उन्हें बातचीत और समझौते को लेकर जल्दबाजी नहीं दिखानी है। उन्होंने बताया कि बातचीत चल रही है। यह काफी आगे तक पहुंच चुकी है और काफी चीजें करीब आयी हैं और समस्याएं हल हुई हैं। हालांकि ईरानी सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि अमेरिका समझौते को लेकर संजीदा नहीं और दोबारा से युद्ध का नया दौर चाहता है। यदि ऐसा हुआ तो इसमे बड़ा नुकसान अमेरिका और उसके मित्र देशों को भी उठाना होगा।
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