नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने एफआईआर संख्या 77/2018 में आरोपी सलाखों में बंद उमेश उर्फ काला को नाक की सर्जरी कराने के लिए पंद्रह दिन की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिए है। हालांकि यह जमानत सशर्त है। कुख्यात रमेश उर्फ काला की ओर से पैरवी करने वाले वकीलों ने बताया कि नाक की सर्जरी (राइनोप्लास्टी) करवाने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। मामला स्पेशल सेल थाने से जुड़ा हुआ है। अदालत ने यह राहत मानवीय आधार पर देते हुए कहा कि सर्जरी के बाद परिवार की देखभाल आरोपी के स्वास्थ्य सुधार में सहायक होगी।
गंभीर बीमारी से है पीड़ित काला
अदालत में आरोपी की ओर से अधिवक्ता मुरारी शर्मा और सार्थक सिंह ने अंतरिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी। आवेदन में कहा गया कि आरोपी ‘डेविएटेड नेजल सेप्टम’ बीमारी से पीड़ित है और उसे सर्जरी की आवश्यकता है। मेडिकल रिपोर्ट में भी डीडीयू अस्पताल द्वारा ऑपरेशन की सलाह दिए जाने की पुष्टि की गई। सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल के डॉक्टर ने अदालत को बताया कि सर्जरी जेल में रहकर भी कराई जा सकती है, लेकिन अदालत ने कहा कि ऑपरेशन के बाद परिवार की देखभाल आरोपी के लिए लाभदायक होगी।
सीमित अवधि की राहत
अदालत ने अपने आदेश में दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अंतरिम जमानत कोई नियमित जमानत का विकल्प नहीं है और इसे केवल असाधारण परिस्थितियों में ही दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने माना कि आरोपी की सर्जरी एक विशेष परिस्थिति है, इसलिए उसे सीमित अवधि के लिए राहत दी जा सकती है। अदालत ने आरोपी को 20-20 हजार रुपये के दो जमानती मुचलकों पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही कई शर्तें भी लगाई गई हैं, जिनमें पासपोर्ट जमा करना, हर दूसरे दिन वर्चुअली जांच अधिकारी के सामने पेश होना, गवाहों को प्रभावित न करना और जांच में सहयोग करना शामिल है। आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा द्वारा 22 अप्रैल 2026 को पारित किया गया।
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