रायबरेली पहुंचे सांसद राहुल गांधी ने डेमेज हुई सड़कों को लेकर लगाई थी जबरदस्त लताड़, आनन-फानन में सीएम योगी ने तलब कर लिए पीडब्लडी अफसर
लखनऊ। अब इसको भाजपा नीत सरकार पर राहुल गांधी का खौफ ना कहें तो क्या कहे। लाेकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सड़कों को लेकर सरकार और उसके अफसरों को आइना दिखाए जाने के बाद सीएम योगी ने आनन-फानन में पीडब्लूडी अफसरों की बैठक तलब कर ली। बैठक ही तलब नहीं की बल्कि सड़कों की हालत की लगातार समीक्षा की भी हिदायत दी गयी है। अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक जिसमें भाजपा के दो मंत्री भी मौजूद थे, में राहुल गांधी ने बाकायदा सबूतों के साथ अफसरों और सरकार की खबर ली थी। माना जा रहा है कि उसी का साइड इफैक्ट आज सीएम योगी द्वारा लोक निर्माण विभाग के अफसरों को तलब किया जाना है।
सीएम योगी के निर्देश
बैठक में सीएम ने निर्देश दिए कि बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों को अब तत्काल आवागमन योग्य बनाया जाएगा। बरसात अभी जारी रहने के कारण फिलहाल क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल किया जाएगा, जबकि बारिश खत्म होने के बाद उसे सुधारा जाएगा। अधिकारियों को सड़कों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और बारिश से नए क्षतिग्रस्त मार्गों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर यातायात में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पर्वों से पहले जरूरी मरम्मत और नवीनीकरण के काम पूरे किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति अभियान केवल पैचवर्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जहां सड़क ज्यादा खराब है, वहां अभी उसे आवागमन के योग्य बनाया जाए और बरसात समाप्त होने के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति के आधार पर स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर स्थिति में रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में गड्ढामुक्ति अभियान के दायरे में 9 विभागों के करीब 4.36 लाख किमी की सड़क हैं। मौजूदा अभियान में करीब 50 हजार किमी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसमें अब तक करीब 5,751 किमी मार्गों पर काम पूरा हो चुका है। बारिश और बाढ़ के अलावा एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे समेत विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की खराब सड़कों का भी विभागवार सर्वे कराएं। सर्वे पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों के आधार पर विभागवार गड्ढामुक्ति का लक्ष्य तय किया जाएगा। समीक्षा के दौरान सड़कों के नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के काम की भी जानकारी दी गई। विभाग के मुताबिक करीब 30 हजार किमी मार्गों के नवीनीकरण का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अब तक करीब 14 हजार किमी पर काम पूरा हो चुका है। वहीं, करीब 5 हजार किमी मार्गों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य है।
स्कूल, अस्पताल और बाजारों की सड़कें पहले
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक आवागमन वाले सड़कों को प्राथमिकता से ठीक करें। इन मार्गों पर तत्काल मरम्मत शुरू कराएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आम आदमी के रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ी हैं, इसलिए मरम्मत के नाम पर सिर्फ औपचारिकता नहीं होनी चाहिए।
खराब हुईं कई सड़कें
बैठक में बताया गया कि इस बार बारिश और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के साथ-साथ निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय मार्ग और रेलवे परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से भी कई सड़कों की स्थिति खराब हुई है। ऐसे मार्गों को अलग से चिन्हित कर मरम्मत और नवीनीकरण की योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से भी उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की सड़क संबंधी योजनाओं की समीक्षा की गई। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए।
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