बारिश के बावजूद भारी संख्या में जुटे व्यापारी जोरदार प्रदर्शन
बारिश के बावजूद भारी संख्या में जुटे व्यापारी जोरदार प्रदर्शन
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बारिश के बावजूद अच्छी खासी संख्या में जुटे बंद समर्थक व्यापारी, शहर के व्यापारियों की अब एक मात्र संस्था नहीं रह गया संयुक्त व्यापार संघ
मेरठ। आवास विकास के सेटबैक नोटिसों के खिलाफ मेरठ बंद का कॉल देने वालों का हौसल अचानक मौसम का बिगड़ा मिजाज भी नहीं तोड़ सका। शहर के गढ़ रोड, शास्त्रीनगर व सेंट्रल मार्केट के अलावा हापुड़ रोड और उससे सटे इलाकों में बंद का व्यापक असर देखा गया। दिल्ली रोड माधवपुरम में भी बंद रहा। हालांकि आबूलेन, सदर, गंज बाजार, सदर सर्राफा बाजार, बोम्बे बाजार, पीएल शर्मा रोड, बुढानागेट, कंकरखेड़ा सरीखे बाजार जहां के व्यापार संघ में संयुक्त व्यापार संघ चलाने वालों के करीबी काविज हैं वहां बाजार खुले रहे। बेगमपुल इसलिए बंद रहा क्योंकि बुधवार को साप्ताहिक छुट्टी होती है, हालांकि इस दौरान तमाम दुकानें खुली भी रहीं। इसके अलावा सुभाष बाजार बंद होने का दावा किया गया लेकिन वहां दुकानें खुली देखी गयीं। आज के बंद से यह साफ हो गया कि अब संयुक्त व्यापार संघ मेरठ के व्यापारियों की एक मात्र संस्था नहीं रह गयी है क्योंकि शासत्रीनगर व सेंट्रल मार्केट के अलावा गढ़ रोड, हापुड़ रोड व मेडिकल क्षेत्र के तमाम व्यापारी संगठनों ने बाजार बंद रखा। इसके अलावा मेरठ बार एसोसिएशन, आईएमए, नर्सिंगहोम एसोसिएशन सरीखे तमाम संगठनों ने मेरठ बंद का समर्थन किया, जबकि संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों ने मेरठ बंद का समर्थन नहीं किया। व्यापारी राजनीति के नाम पर आज जो कुछ देखने को मिला उसको आने वाले दिनों में व्यापार संघ चलाने वालों को चुनौती ही नहीं बल्कि खतरे की घंटी माना जा रहा है।
बारिश की नहीं की परवाह
बंद समर्थकों ने बारिश की परवाह कतई नहीं की। मौसम के बिगड़े मिजाज के बावजूद बंद समर्थक व्यापारी सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। ये प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़ास निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने योगी तेरे राज में, कटोरा आ गया हाथ में के नारे लगाते हुए विरोध जताया। नर्सिंगहोम संचालक रवींद्र गुर्जर के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए विधायक अतुल प्रधान, पथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुखिया गुर्जर, कर्मवीर सिंह गूमी के अलावा कई दूसरे विपक्षी दलों के नेता भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे। । माधवपुरम से बंद के समर्थन में पहुंचे व्यापारियों ने 2027 विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने की शपथ ली। व्यापारियों ने कहा कि वे आगामी चुनाव में भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। शास्त्रीनगर की गुरुद्वारा रोड पर भारी संख्या में लोग जुटे। ये लोग ट्रैक्टर, कारों व दो पहिया वाहनों से पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या ग्रामीणों व किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं की रही। सीसीएसयू के कई छात्र नेता भी समर्थन देने के लिए प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे।
ओपीडी बंद केवल इमरजेंसी सेवाएं
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की अध्यक्ष डॉ. मनीषा त्यागी ने बताया कि नर्सिंग होम एसोसिएशन ने पहले ही मेरठ बंद को समर्थन देने की घोषणा की थी। इसी के बाद आईएमए ने भी बंद के समर्थन का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि आईएमए से जुड़े सभी चिकित्सकों को इसकी जानकारी दे दी गई है। बुधवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं पूर्व की तरह संचालित होंगी। अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज पर भी इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर बंद के चलते शहर के कई निजी स्कूलों ने बुधवार को छुट्टी की जानकारी अभिभावकों को मैसेज के जरिए दी है। ब्रह्मपुरी और माधवपुरम क्षेत्र के कुछ निजी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। यानी स्कूल बंद रखने का फैसला संबंधित स्कूल प्रबंधन की ओर से लिया गया है।
अलर्ट मोड में रहे अफसर
मेरठ बंद को लेकर पुलिस प्रशासन के तमाम आला अफसर अलर्ट मोड पर रहे। केवल पुलिस प्रशासन के अफसर ही नहीं भाजपा के तमाम नेता भी बंद को लेकर अपडेट लेते रहे। कुछ ने अपने करीबियों को यह जानने के लिए भेजा कि कितनी भीड़ जुटी है और धरना स्थल पर क्या माहौल है। उनका मकसद भाजपा विरोधी माहौल से रहा। वहीं दूसरी ओर बंद के एलान के चलते कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गयी थीं। प्रमुख बाजारों और मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। तमाम सीओ अपने अपने सर्किल में अलर्ट मोड में रहे। कंट्रोल रूम हर घंटे का अपडेट लेता रहा।
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