नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने अपना आगामी दीक्षांत समारोह किया रद्द
नई दिल्ली। छात्रों के विरोध के बाद NALSAR के अफसर बैकफुट पर आ गए। सीजेआई साथ भी Zen Z को इस मुद्दे पर मिला है। के दीक्षांत समारोह (Convocation) में मुख्य अतिथि के आमंत्रण को लेकर हुए हालिया विवाद के बाद, बेंगलुरु की प्रतिष्ठित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने अपना आगामी दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया है। नालसार विश्वविद्यालय में हुए विरोध प्रदर्शनों की वजह से उपजे घटनाक्रम के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। छात्र दिल्ली में नीट (NEET) प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई और उस पर अदालती टिप्पणियों से नाराज थे। इसी के विरोध में नालसार के छात्रों ने सीजेआई के कार्यक्रम में शामिल होने के खिलाफ अभियान चलाया था।
मनन मिश्रा की फजीहत
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा फजीहत बीसीआई के अध्यक्ष मनन मिश्रा की हुई है। विवाद अभी भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। उनसे इस्तीफा तक मांग लिया है। मुख्य अतिथियों का विरोध:- नालसार (NALSAR) और उसके बाद एनएलएसआईयू (NLSIU) के छात्रों एवं पूर्व छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा को दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने का कड़ा विरोध किया था। नालसार के छात्रों द्वारा सीजेआई का विरोध किए जाने के बाद, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने 13 अगस्त को एक कड़ा आदेश जारी कर नालसार के 2026 बैच के सभी लॉ ग्रेजुएट्स के वकील के तौर पर रजिस्ट्रेशन (Enrolment) कराने पर रोक लगा दी थी।
मांगनी पड़ी छात्रों से माफी
इस फैसले का देशव्यापी विरोध और सोशल मीडिया पर भारी हंगामा हुआ। इसके बाद बीसीआई (BCI) ने कुछ ही घंटों के भीतर अपना आदेश संशोधित करते हुए वापस ले लिया और माना कि निर्दोष छात्रों को सजा नहीं दी जा सकती। बाद में बीसीआई अध्यक्ष ने छात्रों से माफी भी मांगी। नालसार विवाद में एकजुटता दिखाते हुए NLSIU बेंगलुरु के 700 से अधिक छात्रों और पूर्व छात्रों ने भी अपने कॉलेज के दीक्षांत समारोह में इन अतिथियों की उपस्थिति का विरोध किया।
अब ऐसे बांटी जांएगी डिग्रियां
इस भारी विरोध के दबाव में आकर, NLSIU प्रशासन ने 12 सितंबर 2026 को होने वाले अपने 34वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। विश्वविद्यालय ने कहा है कि अब छात्रों को डिग्रियां ‘इन एब्सेंटिया’ (अनुपस्थिति में) दी जाएंगी, जिसे वे कैंपस से ले सकते हैं या कूरियर के जरिए मंगवा सकते हैं।
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