नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद दुनिया भर में तेल की कीमतें तीन माह के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गयी हैं। हालांकि यदि भारत की बात करें तो तेल की कीमतों में आयी गिरावट का फायदा मोदी सरकार ने पब्लिक को अभी तक नहीं पहुंचाया है। तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है और वे तीन महीने के नए निचले स्तर पर पहुंच गई हैं, जो शुक्रवार को होने वाले आधिकारिक अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर दुनिया के बाजारों में लौटी रौनक को बताने के लिए काफी है। ब्रेंट क्रूड वायदा 3.29 डॉलर या 4 प्रतिशत गिरकर 79.88 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 3.82 डॉलर या 4.7 प्रतिशत गिरकर 76.93 डॉलर हो गया। अमेरिका और इज़राइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर युद्ध शुरू करने से पहले, कच्चे तेल के दोनों बेंचमार्क लगभग 65 से 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहे थे।
अमेरिका के साथ ईरानी समझौते की एक मुख्य शर्त इजरायल का लेबनान से पीछे हट जाना है, लेकिन यह कब होगा यह बड़ा सवाल बना हुआ है। राजनयिक प्रक्रिया की शुरुआत से ही ईरान कहता रहा है कि पूरे क्षेत्र में, और विशेष रूप से लेबनान में, युद्धविराम किसी भी समझौते का अभिन्न अंग है जो अंततः हासिल किया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि समझौता ज्ञापन में उल्लिखित सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा “लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की तत्काल और स्थायी समाप्ति” है। उन्होंने इसका कारण बताया क्योंकि लेबनान पर इजरायल का युद्ध और ईरान में युद्ध आपस में जुड़े हुए हैं। लेबनान में युद्धविराम किसी भी समझौते के लिए एक पूर्व शर्त है, जिस पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं और उसे लागू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक बार समझौते की घोषणा हो जाने के बाद, युद्धविराम पूरे क्षेत्र में लागू होगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि लेबनान पर इजरायल का कोई भी हमला या “कब्जा” समझौता ज्ञापन का उल्लंघन माना जाएगा।
बंदिशों से आजाद रहेगा स्ट्रेट होर्मूज
मीडिल ईस्ट में तेल और ईंधन की आवाजाही का प्रमुख रास्ता स्ट्रेट हाेर्मूज अब ईरानी बंदिशों से आजाद रहेगा।ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और उनके ओमानी समकक्ष बदर बिन हमद अल बुसैदी ने स्ट्रेट होर्मूज में नौवहन से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखने के लिए अपने दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। अमेरिका और ईरान इस सप्ताह के अंत में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में “दोनों मंत्रियों ने स्ट्रेट होर्मूज से समुद्री नौवहन के सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के प्रति अपने देशों की प्रतिबद्धता को दोहराया”। दोनों नेताओं ने यह आशा भी व्यक्त की कि “आगामी चरण में सभी पक्षों द्वारा प्रभावी और रचनात्मक राजनीतिक और राजनयिक मार्ग के लिए एक सहायक और टिकाऊ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए गंभीर और लगन से प्रयास किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता बनी रहेगी।”
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