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मंदिरों व स्कूल कालेजों के पास शराब की बिक्री को ना

मंदिरों व स्कूल कालेजों के पास शराब की बिक्री को ना

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मंदिरों व स्कूल कालेजों के पास शराब की बिक्री को ना
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नई दिल्ली/कोलकाता। खुद को धुर हिन्दुतववादी कहने यूपी, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड व बिहार सरीखे राज्यों के भगवाधारियों को सुबेदु अधिकारी ने आइना दिखया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में शराब की दुकानों को लेकर एक नया और सख्त नियम लागू किया है। इस नियम के अनुसार, किसी भी स्कूल, कॉलेज या मंदिर के एक किलोमीटर (1 किमी) के दायरे में नई शराब की दुकानों (लिकर शॉप) को लाइसेंस नहीं दिया जाएगा इसके इतर यदि इतर यदि यूपी, मध्य प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड व बिहार की बात करें तो यहां स्कूल कालेज और मंदिरों के पास लीकर शॉप भी मिल जाएगी और पानी बीड़ी व गुटके भी बिकते हुए मिल जाएंगे। मंदिर व स्कूलों के पास पुरानी चल रही दुकानों को राहत लेकिन सुबेदू अधिकारी सरकार ने अपने आदेश में एक लकूना छोड़ दिया है और आलोचना करने वालों को मौका भी दे दिया है। दरअसल जो शराब की दुकानें या बार पहले से ही वैध लाइसेंस के साथ इन स्थानों (स्कूल/मंदिरों) के पास चल रहे हैं, उन्हें बंद करने को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक निर्देश नहीं है, और वे अप्रभावित रहेंगे। यह पाबंदी विशेष रूप से नए लाइसेंस और लंबित आवेदनों पर सख्ती से लागू होगी। पहले की स्थिति इस फैसले से पहले राज्य में शैक्षणिक और धार्मिक संस्थानों से शराब की दुकानों की दूरी का दायरा लगभग 305 मीटर (1000 फीट) था, जिसे बढ़ाकर 1 किमी कर दिया गया है। बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब बेचने का कोई लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। “हम पहले ही कह चुके हैं कि शासक का कानून नहीं चलेगा। कानून का शासन चलेगा। हमने कहा है कि स्कूलों, कॉलेजों और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। यह सरकार अलग तरीके से चलेगी। चिंता की कोई बात नहीं है,” कल्याणी में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के बाद सुवेंदु ने पत्रकारों से कहा। रेस्तरा व क्लबों पर चुप्पी मौजूदा खुदरा विक्रेताओं को बीमा पॉलिसी की तरह शुल्क का भुगतान करके सालाना अपने उत्पाद शुल्क लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होता है। उन्हें 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए और अगले वर्ष 31 मार्च तक वैध रहने वाला नया लाइसेंस जारी किया जाता है। सुवेंदु ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका मतलब मौजूदा दुकानों के लाइसेंस रद्द करना है या केवल नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाना। उन्होंने रेस्तरां, होटल और सोशल क्लबों में मौजूद बार के बारे में भी कुछ नहीं कहा। लेकिन इस टिप्पणी से अफरा-तफरी और अविश्वास का माहौल छा गया।
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