नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के कदावर नेता आजम खान को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने साल 2019 के एक हेट स्पीच (भड़काऊ भाषण) मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की जेल की सजा और 5000 रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोप है कि लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर की एक जनसभा में आजम खान ने भड़काऊ भाषण दिया था। उन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी (कलेक्टर) के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप था। अदालत ने उन्हें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी माना था। आजम खान पहले से ही जेल की सलाखों के पीछे हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान का आजम का एक वीडिया सामने आया था। इसमें वे कह रहे थे, “सब डटे रहो, कलेक्टर-फलेक्टर से मत डरियो, ये तनखैया हैं, हम इनसे नहीं डरते। देखें हैं मायावती के कई फोटो कैसे बड़े-बड़े अफसर रुमाल निकालकर जूते साफ करते रहे हैं। उन्हीं से गठबंधन है। अल्लाह ने चाहा तो उन्हीं के जूते इनसे साफ कराऊंगा।” तब आंजनेय कुमार सिंह रामपुर के कलेक्टर थे। उनके निर्देश पर आजम के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें आजम खान तत्कालीन जिलाधिकारी पर अभद्र टिप्पणी करते सुनाई दिए थे। वीडियो सामने आने के बाद चुनाव आयोग ने मामले का संज्ञान लिया था और राज्य निर्वाचन आयोग से रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर तत्कालीन एसडीएम टांडा एवं चमरौआ विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचन अधिकारी घनश्याम त्रिपाठी की ओर से भोट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आईटी एक्ट की धारा के तहत एफआईआर
पुलिस ने IT अधिनियम की धारा 153A और 153B के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने बयानों और जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सुनवाई पूरी होने के बाद आज कोर्ट ने फैसला सुनाया है। आजम पहले से ही कई मामलों में फंसे हुए हैं। ऐसे में उनकी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
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