नई दिल्ली। महंगाई और रसोई गैस जैसे ईंधन की मार से पहले से कलप रहे आम आदमी पर चुनाव से निपटते ही केंद्र की मोदी सरकार ने एक ओर चाबुक चला दिया है। सरकार बड़ी संख्या में एलपीजी कनेक्शन बंद करने जा रही है। ऐसा मिडिल ईस्ट तनाव के चलते किया जा रहा है। सरकार की ओर से कहा गया है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और आपूर्ति पर दबाव के नाम पर एलपीजी के नए कनेक्शनों पर रोक लगा दी गयी है। कवेल पुराने कनेक्शनों को ही एक्टिवेट रखा गया है। इसका साइड इफैक्ट यह हो रहा है कि जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं है ना चाहते हुए भी उन्हें ग्रे मार्केट से दो से तीन हजार रुपए का तक एलपीजी सिलेंडर लेना पड़ रहा है। इसके अलावा जिन घरों में पहले से पाइप वाली गैस (PNG) है, उनके घरेलू एलपीजी सिलेंडर बंद पहले ही कर दिए गए हैं। ऐसे अभी और भी कनेक्शन बंद किए जाने के लिस स्कूटनी चल रही है।
रसोई गैस को लेकर जो व्यवस्थाएं लागू की गयी हैं उनके पीछे की वजह मिडिल ईस्ट के हालात बताए गए हैं। ईरान-अमेरिका संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास शिपिंग जोखिमों के कारण एलपीजी (LPG) आयात प्रभावित हुआ है। आपूर्ति सामान्य होने तक नए घरेलू कनेक्शन जारी करने पर रोक लागू है। जिन घरों में पहले से पाइपलाइन गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है। वहां एलपीजी सिलेंडर रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।आपातकालीन स्थिति या कनेक्शन धारक की मृत्यु होने पर, पुराने कनेक्शन रक्त संबंधियों के नाम पर ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
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