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नोटिसों से नाराज महिलाओं का आवास विकास पर धाबा

नोटिसों से नाराज महिलाओं का आवास विकास पर धाबा

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नोटिसों से नाराज महिलाओं का आवास विकास पर धाबा
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मेरठ/ सैटबैक के नोटिसों से नाराज महिलाओं ने आज शास्त्रीनगर स्थित आवास विकास कार्यालय पर धाबा बोल दिया। बड़ी संख्या में महिलाएं नारेबाजी करती हुई आवास विकास के कार्यालय पहुंच गयीं। सैटबैक के नोटिसों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया। यह हंगामा काफी देर तक चलता रहा। महिलाएं आवास विकास के तमाम कक्षों में पहुंची ताकि समक्ष अधिकारी से अपनी समस्या पर बात कर सकें। वहीं दूसरी ओर भाजपा के रामजी यानि सांसद अरुण गोविल पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए शास्त्रीनगर सैंट्रल मार्केट से सटे सैक्टर दो में जिन महिलाओं को खुद सांसद मौके पर पहुंचकर उठा गए थे वो आज दोबारा धरने पर बैठे गयी हैं। वहीं दूसरी ओर शास्त्रीनगर गोली मंदिर सैक्टर तीन चौराहे पर धरना आज तीसरे दिन भी जारी है। सैक्टर तीन की महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनके मकानों को छूने का भी प्रयास किया तो वो आवास विकास परिषद के दफ्तर की ईंट से ईंट बजा कर रख देंगी। सैंट्रल मार्केट में पहले ही 43 दुकानों को आवास विकास सील कर चुका है। इस पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है। लोगों का कहना है कि सैंट्रल मार्केट को किसी की नजर लग गयी है। जबकि महिलाओं का कहना है कि सारे फसाद की जड़ वो व्यापारी नेता है जिसने सालों पहले आवास विकास के अफसर के उस वक्त चांटा मारा था जब वो अफसर जांच के लिए 661/6 सैंट्रल मार्केट कांप्लैक्स पहुंचा था। यदि वो घटना ना हुई होती तो आज यह दिन ना देखना पड़ता। सैक्टर तीन में धरना का तीसरा दिन है लेकिन उससे बड़ी मुसीबत भरी खबर आज सैक्टर दो अफसरों को मिली जहां महिलाओं ने दोबारा धरना शुरू कर दिया है। कुछ दिन पहले भाजपा के सांसद अरुण गोविल इन महिलाओं को कानूनी का मदद दिलाने का वादा कर धरने से उठा गए थे। महिलाओं का कहना है कि जो कुछ बातें कहीं गयी थीं मदद के वादे किए गए भाजपा सांसद वो वादे पूरे नहीं कर पाए। धीरे-धीरे नोटिस की मियाद करीब आ रही है। आवास विकास के अफसर उनके मकानों को ध्वस्त करने की बात कह रहे हैं। 35 मीटर के मकानों को यदि आगे पीछे से सैटबैक के नाम पर तोड़ दिया जाएगा तो फिर उनका मकान रहने लायक ही कहां रह जाएगा। ऐसे कुल 815 मकान है जिन पर सैटबैक के नाम पर तोड़फोड़ की तलवार लट कर रही है। वहीं दूसरी ओर सूत्रों ने जानकारी दी है कि दो स्थानों पर महिलाओं के धरने के बाद खुद अफसर भी परेशान हैं कि इस मामले में आखिकर करें तो क्या करें। क्योंकि चीजें जितनी सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है हालात आज उतने ज्यादा बिगड़े गए हैं। सैक्टर तीन में सैटबैक के नोटिसों के अनुसार स्वयं मकान मालिक द्वारा तोड़फोड़ किए जाने की 8 मई यानि शुक्रवार आखिरी दिन है। महिलाओं ने जानकारी दी कि धरने पर आवास विकास से कुछ लोग आए थे जो कह गए कि या तो खुद तोड़ दीजिए यदि आवास विकास ने तुड़वाया तो पैसे भी देने होंगे। तोड़ना जरूर पड़ेगा क्योंकि सारी कार्रवाई की मॉनिटरिंग की जा रही है। सुप्रीमकोर्ट में कृत्य कार्रवाई को लेकर स्टेस रिपोर्ट भी दाखिल करनी है। बताया जाता है कि जो लोग आवास विकास दफ्तार से आए थे उनसे जबरदस्त बहस भी हुई। इसके अलावा सैक्टर दो की बात करें तो वहां सैटबैक के नोटिस की अंतिम तारीख 14 मई को खत्म हो जाएगी। उसके बाद वहां भी आवास विकास सैटबैक के नोटिसों वाले मकानों पर तोड़फोड़ के लिए आजाद होगा। सैटबैक के नोटिसों के खिलाफ सैक्टर दो की महिलाओं की ओर से जिस याचिका के सुप्रीमकोर्ट में दायर किए जाने का दावा किया जा रहा है उसके स्टेटस का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि सुप्रीमकोर्ट में जिस याचिका के दर्ज किए जाने की बात कही जा रही है, वह याचिका तो अभी दर्ज ही नहीं की जा सकी है। यदि याचिका दर्ज हो जाती या ऑन लाइन भी की गयी होती तो भी स्टेटस रिपोर्ट ऑन लाइन आ जाती। कुल मिलाकर सैटबैक के नोटिसों और उनके खत्म होने की करीब आ रही मियाद ने पूरा मामला उलझा दिया है।
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