नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड बातचीत का दूसरा दौर ना होने से परेशान है लेकिन दुखी नहीं। उन्हें उम्मीद है कि बाचतीत जल्द शुरू होगी। उन्होंने कहा कि मुझे ईरानियों की कॉल का इंतजार है। ट्रंप ने कहा है कि वह बातचीत को तैयार बैठे हैं। ईरानी जब चाहें उन्हें कॉल कर सकते हैं। बातचीत में बड़ी रूकावट ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी को माना जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्री बार-बार कह रहे हैं कि घेराबंदी की बंदिशों के बीच बातचीत संभव नहीं है। हालांकि ईरान का कहना है कि स्थायी संघर्ष विराम के पक्ष में है। उसने उचित मार्फतों से अपने प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचा दिए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच समझौता कराने को पाकिस्तान की तर्क पर तुर्की भी सक्रिय है। तुर्की तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने अमेरिकी वार्ताकारों के साथ फोन पर बातचीत के दौरान ईरान-अमेरिका वार्ता में हुए नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की। तुर्की पहले से ही बातचीत कराने में सक्रिय रहा भी है। बीच में पाकिस्तान के एकाएक अधिक एक्टिव होने के बाद तुर्की के प्रयास दुनिया को कम नजर आ रहे थे। पाकिस्तान और तुर्की के अलावा भी दूसरे मुल्क चाहते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच लड़ाई ना हो। मिडिल ईस्ट में शांति कायम होना दुनिया की शांति के लिए जरूरी है।
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