Home मेरठ सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को नेताओं पर नहीं यकीन
मेरठ

सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को नेताओं पर नहीं यकीन

Share
सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को नेताओं पर नहीं यकीन
Share
मेरठ । सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को अब नेताओं पर कोई यकीन नहीं रह गया है। ये लोग नहीं चाहते कि कोई भी उनके बीच सेंट्रल मार्केट के मु द्दे को लेकर अपनी नेतागिरी चमकाने को आए। वो बार-बार कह रहे हैं कि नेताओं के बूते कुछ नहीं है। वो केवल अपनी नेतागिरी चमकाने आते हैं। इससे ज्यादा कुछ नहीं इन लोगों ने अब ऊपर वाले से मदद की गुहार लगायी है। वहीं दूसरी ओर सेंट्रल मार्केट के सील किए गए तमाम शोरूम मालिकों ने भी नए ठिकाने तलाश लिए हैं। वहां पर दिन रात काम जारी है। उम्मीद की जा रही है कि संभावित कार्रवाई से पहले ही ये व्यापारी नए शोरूम में शिफ्ट हो जाएंगे। जो नए शोरूम बनाए जा रहे हैं, वो पुरानों से ना केवल भव्य है बल्कि वहां पर शोरूम में आने वाले ग्राहकों के पार्किंग सरीखी सहूलियत का भी माकूल इंतजाम किए जारहा है। दूसरी ओर सेक्टर दो तिरंगा मार्केट के व्यापारियों का कहना है कि उन्हें अब नेताओं पर कोई भरोसा नहीं रह गया है, अब तो ऊपर वाले से मदद की दरकार है। उन्होंने धरना स्थल पर भजन कीर्तन शुरू कर दिया है। वहां पर जागरण सरीखा माहौल नजर आता है। इन लोगों को किसी ऐसे शख्स की तलाश है जो इनकी मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से करा दे ताकि अपना दुखदर्द सुना सकें और राहत का कोई रास्ता केंद्रीय गृहमंत्री के दर से निकल सके।

नेताओं पर नहीं यकीन

सेंटर दो तिरंगा मार्केट के धरने पर बैठे व्यापारियों का कहना है कि उन्हें नेताओं पर कोई यकीन नहीं रह गया है। वो चाहते भी नहीं कि नेता यहां आएं। बताया गया है कि कुछ छुट भैय्या किस्म के नेता इनके बीच पहुंचे थे, लेकिन धरने पर बैठे व्यापारियों ने उनके हाथ जोड़ लिए। यह कहते हुए कि आप यहां आए धन्यवाद लेकिन आपसे हो ना पाएगा। इसके बाद जो नेता जी अपने चेले को साथ वहां पहुंचे थे,वो तेजी से पलटे और उल्टे पांव अपनी गाड़ी की लपके। उनके गाड़ी में समाते ही गाड़ी तेजी से वहां से निकल गयी। वहीं दूसरी ओर सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का इस बात का भी रंज है कि सुप्रीमकोर्ट के सीलिंग के आदेश आने के बाद जो व्यापारी नेता तथा राजनीतिक संगठनों के नेता उनके बीच आकर लंबी-लंबी हांक रहे थे, वो अब कहां अंर्तध्यान हो गए। वो अब क्यों नहीं आ रहे जो बड़ी-बड़ी बातें किया करते थे। व्यापारियों का कहना है कि ६६१/६ के मामले में भी इसी प्रकार की राजनीति की गयी थी और इस बार जब ४४ दुकानों पर सील लगा दी गयी है तब भी ये नेतागिरी करने से बाज नहींआ रहे हैं। यदि वाकई मदद करना चाहते हैं तो जिन दुकानों पर सील लगायी गयी है उस सील को खुलवा दें।

तलाश लिए नए ठिकाने

जिन ४४ दुकानों पर सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर आवास विकास परिषद ने सील लगा दी हैं उनमें से आधे से ज्यादा व्यापारियों ने जिनके प्रतिष्ठान शोरूम सरीखे हैं उन्होंने शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के समीप ही नयी जगह खरीद ली हैं। वहां दिन रात काम चल रहा है। दरअसल जिनके प्रतिष्ठान सील किए गए हैं उन्हें समझ आ गया है कि भले ही नेता या मंत्री कुछ भी दावे करें, लेकिन अब उनके प्रतिष्ठान नहीं बचेंगे। कार्रवाई सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर की जा रही है, इसलिए कहीं भी किसी भी प्रकार की पैरवी से कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है। नेताओं के चक्कर में आकर या बंद सरीखे ऐलान कर केवल अपना वक्त बर्बाद करना है। जो वक्त मिला है बेहतर है कि उसमें अपने नया ठिकाना तैयार कर लिया जाए और वहीं कर भी रहे हैं। सेंट्रल मार्केट के पुराने शोरूम नई जगह शिफ्ट करने से जहां ये शोरूम शिफ्ट हो रहे हैं वहां जमीन के रेट रातों रात बढ़ गए। कुछ शोरूम मालिकों खाली प्लाट भी शोरूम के साथ लिए हैं, ताकि वहां ग्राहकोंं को पार्किंग सरीखी सुविधा का इंतजाम किया जा सके। इस बार जो जगह ली है वो आवास विकास की फाइलों में पहले से ही कामर्शियल में दर्ज है।

वाजपेयी का मिला साथ

सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों को राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का साथ मिला है। यह साथ किसी अन्य मामले में नहीं बल्कि आवास विकास के जिन अफसरों के खिलाफ सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर एफआईआर सेंट्रल मार्केट के अफसर ने ही दर्ज करायी है, उनकी गिरफ्तारी व अन्य कार्रवाई की बात डा. वाजपेयी ने सही बतायी है। उन्होंने कहा कि जब सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों पर कार्रवाई की जा सकती है तो फिर आवास विकास के जिन अफसरों के खिलाफ मुकदमें लिखे गए हैं उन पर कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। उन्होंने व्यापारियों से आग्रह किया है कि ना तो सुप्रीमकोर्ट के खिलाफ कुछ बोलें ना ही सरकार के खिलाफ क्योंकि जो भी राहत या रियायत मिलेगी वो इनसे ही मिलेगी।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

eighteen − twelve =

Related Articles

कमल दत्त शर्मा ने लिया बहनों की सुरक्षा का संकल्प

कमल दत्त शर्मा ने लिया बहनों की सुरक्षा का संकल्प

राहुल पर FIR पर भड़के कांग्रेसी

राहुल पर FIR पर भड़के कांग्रेसी

संस्कृत विभाग में डिजिटल भगवद्गीता का पाठ

संस्कृत विभाग में डिजिटल भगवद्गीता का पाठ

घुमंतू समाज के लोगों को सीएम योगी का उपहार पक्के मकान

घुमंतू समाज के लोगों को सीएम योगी का उपहार पक्के मकान