नई दिल्ली। कुछ ही देर में इस्लामाबाद में होने जा रही वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर लगी है। यूएस और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता में लेबनान पर लगातार की जा रही एयर स्ट्राइक बाधा बन सकती हैं। इसके अलावा ईरान को होर्मूज पर एकाधिकार छोड़ना मंजूर नहीं। होर्मूज पर ईरान अब काफी आगे बढ़ चुका है। यह समुंद्री रास्ता कमाई का स्थायी और ठोस जरिया है यह बात ईरान अब समझ चुका है। हालांकि यूएस बातचीत को लेकर गंभीर है इसका सबूत अमेरिका के उपराष्ट्रपति का जेडी बेंस का इस्लामाबाद पहुंच जाना है। ईरानी की तरफ से इस वार्ता में ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल हो रहे हें।
वार्ता को लेकर क्य बोले वैंस
इस्लामाबाद रवाना होने से पहले यूएस में जेडी वेंस ने प्रेस से बात की। उन्होंने कहा, “हम बातचीत के लिए उत्सुक हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक होगी। देखते हैं क्या होता है।” वैंस ने आगे कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें बैठक के लिए “काफी स्पष्ट दिशा निर्देश” दिए थे। उन्होंने कहा, “अगर ईरानी सद्भावना से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम निश्चित रूप से खुले हाथ बढ़ाने को तैयार हैं, यह एक बात है।” “अगर वे हमें बेवकूफ बनाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें पता चलेगा कि बातचीत करने वाली टीम इतनी ग्रहणशील नहीं है।” कुछ पर्यवेक्षकों ने अंतिम समय में वैंस को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किए जाने को अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के प्रति ईरान की सतर्कता के संकेत के रूप में देखा है।विटकॉफ और कुशनर, जो शनिवार की वार्ता में भी शामिल होंगे, ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में दो बार अप्रत्यक्ष वार्ता का नेतृत्व किया था।
अविश्वास कायम
इस्लामाबाद में वार्ता हो रही है। यूएस जंग की स्थिति में नहीं है और ईरान पर खोने के लिए कुछ नहीं है। जो कुछ था वो ईरान खो चुका है, लेकिन यूएस जानता है कि ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचाने के बाद भी ना तो हाेर्मूज खुलवाया जा सका ना ही ईरान के तेल पर कब्जा किय जा सका है। इस जंग में यूएस को काफी जिल्लत उठानी पड़ी है अपने देश में भी और दुनिया में भी। वो हालात दोबारा सामने आएं यह डोनाल्ड ट्रंप बिलकुल नहीं चाहते। दुनिया के तमाम देशों की नजर इस वार्ता पर है। वार्ता शुरू होने में अब चंद घंंटे शेष हैं। पूरी दुनिया को वार्ता के परिणामों का इंतजार है।
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