नई दिल्ली। यूएस और ईरान के बीच युद्ध विराम के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पोस्ट कर दावा किया था कि युद्ध विराम में लेबनान भी शामिल है। लेकिन इसके बावजूद युद्ध विराम की सहमति के चंद घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान पर ताबतोड़ हमले किए। इन हमलों में 112 नागरिक मारे गए और हजारों घायल हुए हैं। मरने वालों में बड़ी संख्य महिला और बच्चों की है। इजरायली वायुसेना ने बेरूत (राजधानी), बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान सहित कई इलाकों को निशाना बनाया। यह युद्ध की शुरुआत के बाद से हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर सबसे बड़ी बमबारी बताई जा रही है। न हमलों में लगभग 100 कमांड सेंटर, सैन्य ठिकाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। ईरान-इजरायल तनाव के बीच, नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता।
शहबाज शरीफ की पोस्ट
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, जिन्होंने कुछ समय पहले ही सार्वजनिक रूप से अमेरिका और ईरान से युद्धविराम स्वीकार करने का आह्वान किया था, ने 90 मिनट बाद फिर से एक पोस्ट किया, जो पाकिस्तान की वर्षों में सबसे महत्वपूर्ण राजनयिक उपलब्धि हो सकती है। उन्होंने लिखा, “अत्यंत विनम्रता के साथ, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ, लेबनान और अन्य जगहों सहित हर जगह तत्काल प्रभाव से युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं।” उन्होंने दोनों प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार को इस्लामाबाद में आमंत्रित किया ताकि “सभी विवादों को सुलझाने के लिए एक निर्णायक समझौते पर आगे बातचीत की जा सके।”
112 की मौत तो क्या टूट गय युद्ध विराम
इजरायली हमलों में लेबनान के 112 नागरिकों की मौत के बाद पूछा जा रहा है कि क्या यूएस और ईरान के बीच जिन शर्तों को लेकर युद्ध विराम हुआ था वो टूट गया है, क्योंकि यदि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की पोस्ट को मानें तो लेबनान पर हमले रोकना भी युद्ध विराम में शामिल है। लेकिन इसके बाद भी लेबनान पर भारी हमले जारी हैं। वहां नागरिकों की मौत हो रही है।
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