मेरठ/ सीईओ कैंट जाकिर हुसैन की यह कार्रवाई कर्मचारियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं। कर्मचारियों ने इसके लिए सीईओ का आभार जताया है, लेकिन उनके मन में टीस अभी बाकि है। उनका कहना है कि पीएफ मिल गया लेकिन सेलरी से जो रकम काटी गयी है वो मिलनी अभी बाकि है। हालांकि उनका कहना है कि सीईआ समेत कैंट बोर्ड के अफसरों पर उन्हें पूरा भरोसा है। सीईओ उनकी यह मुराद भी जल्द पूरी करेंगे।
ब्याज सहित गुड न्यूज
कैंट बोर्ड द्वारा वर्ष 2022 का लंबित भविष्य निधि यानि पीएफ अंशदान कर्मचारियों के खातों में ब्याज सहित जमा कराकर एक पुरानी समस्या का समाधान किया गया है। इस भुगतान के बाद कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों ने सीईओ से मिलकर इसके लिए आभार भी जताया है। साथ ही अपने पुराने मुद्दे को याद कराना नहीं भूले। कर्मचारियों ने बताया कि उनका मुख्य मुद्दा अभी भी हल नहीं हुआ है , लेकिन सीईओ ने उन्हें इसको लेकर भी भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में वेतन से की गई अवैध कटौती की वापसी अब भी लंबित है। इसको लेकर बोर्ड बैठक में आदेश किया जा चुका है लेकिन आदेशों को अनुपालन होना बाकि है।
छावनी परिषद बोर्ड ने सीबीआर नंबर २५ १३ जुलाई २०२२ में निर्णय लिया था कि कर्मचारियों के वेतन से की गई कटौती की राशि ठेकेदार से वसूली जाए। लेकिन उस आदेश का क्रियान्वयन होना अभी बाकि है। उनका कहना है कि पीएफ तो सरकारी अंशदान है, लेकिन वेतन से जो पैसा कटा, वो हमारे पसीने की कमाई है — वो कब लौटेगा। उन्होंने बताया कि सीईओ जाकिर हुसैन ने जिस प्रकार से पीएफ की समस्या का समाधान किया है। उसी तरह से वेतन से अवैध रूप से कटौती की गयी रकम भी वापस दिलायी जाए। वहीं दूसरी ओर पीएफ को लेकर जो खबर है उससे कैंट बोर्ड के कर्मचारी बेहद खुश हैं। कैंट बोर्ड में इसको लेकर कर्मचारियों के बीच जश्र सरीखा माहौल नजर आया।
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