देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने बैंक खातों को साइबर ठगों को बेचने वाले म्यूल अकाउंट गिरोह का भंडाफोड़ किया है। टीम ने हरिद्वार से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग भोले-भाले लोगों के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में इन्हें साइबर अपराधियों को बेच देते थे।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्य लोगों को लालच देकर उनके दस्तावेजों के आधार पर फर्जी कंपनियां तैयार करते थे। इसके बाद इन कंपनियों के नाम से करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में ठगी के पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता था। इसके बदले गिरोह मोटा कमीशन लेता था।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और आईजी एसटीएफ निलेश आनंद भरणे के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में हरिद्वार से तीन आरोपियों को दबोचा गया। आरोपियों की पहचान रवि (31), राजन चौधरी (35) और विनीत राणा (25) के रूप में हुई है।
यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्विफ्ट कार, तीन बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, पांच मोबाइल फोन, दस डेबिट कार्ड, पांच पैन कार्ड, तीन आधार कार्ड, पांच फर्मों की मुहरें और अन्य बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं।
इस मामले में साइबर थाना देहरादून में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एसटीएफ टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। गिरफ्तारी टीम में उपनिरीक्षक राजीव सेमवाल, जगमोहन सिंह, कुलदीप टम्टा सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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