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हाईकोर्ट बैंच में देरी तो ई-फाइलिंग सेंटर ही दें

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हाईकोर्ट बैंच में देरी तो ई-फाइलिंग सेंटर ही दें
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राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का केंद्र सरकार से आग्रह, हाईकोर्ट बैंच में देरी तो ई-फाइलिंग सेंटर ही दें

मेरठ/ New Delhi. वेस्ट यूपी मे हाईकोर्ट बैंच स्थापना में हो रही देरी के चलते राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने केंंद्र सरकार से मेरठ में तत्काल ई-फाइलिंग सेंटर की स्थाना का आग्रह किया है। उन्होंने इसके लिए कार्य मंत्रणा समिति, गृह मंत्रालय परामर्शदात्री समिति और ऊर्जा समिति को लिखे पत्र में कहा है कि जबतक तक हाईकोर्ट बेंच की स्थापना ना हो तब तक ई- फाइलिंग सेंटर को प्रभावी करने में आई बाधा को दूर किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे ई-फाइलिंग और अधिवक्ताओं को समान अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट बैंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिले इसका वह पुरजोर समर्थन करते हैं। पत्र में डा. वाजपेयी ने कहा है कि कोरोना काल की दुर्भाग्य परिस्थिति में न्यायिक प्रक्रिया वर्चुअल ही संपन्न हुई थी। इसी में से दो अलग निर्णय निकल कर आये राज्य सभा में न्याय मंत्री द्वारा देश के सभी जनपदों में ई- फाइलिंग सेंटर प्रारंभ करने का घोषित किया और उसके लिए बजट में 7 हजार करोड़ की व्यवस्था की कई। सुप्रीमकोर्ट की ई-समिति ने भी यह निर्णय किया था तत्कालीन मुख्य न्यायधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ ने 06 अक्तूबर 2023 को यह स्पष्ट कहा था की आज की तिथि के 02 सप्ताह बाद कोई हाईकोर्ट हाइब्रिड सिस्टम से सुनवाई के लिए मना नहीं कर सकेगी। कोई बार सदस्य और वादी इस सुविधा का लाभ उठा सकेगा। 23 अप्रैल 2024 को उच्च न्यायालय इलाहबाद के रजिस्ट्रार जनरल ने यह कहा की ई-फाइलिंग सेंटर पर केवल इलाहबाद/ लखनऊ बार के रजिस्टर्ड वकील ही वाद दायर कर सकेंगे और इस प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगा दिया। रोक से ये हुआ नुकसान इससे उत्तर प्रदेश में केवल दो विसंगतिया उत्पन्न हो गई। पहली यह कि जनपदों से ई-फाइलिंग सेंटर से वाद दायर करने के निर्णय की मूल भावना ही समाप्त हो गई एवं अपने ही जनपद से जनता को न्याय मिलने की संभावना की भ्रूण हत्या हो गई। युवा अभिवक्ता को हाईकोर्ट सिस्टम को समझने और भविष्य में स्थापित होने वाली हाईकोर्ट बेंच के लिए खुद को तैयार होने वाली संभावना भी खत्म हो गईडा. वाजपेयी ने कहा कि उनकी चिंता केवल किसी एक अधिवक्ता की नहीं है। नए अधिवक्ताओं को भी अनुभव प्राप्त करने का अवसर चाहिए और उससे भी महत्वपूर्ण बात जनता को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण कानूनी सहायता उपलब्ध होनी चाहिए। जिसका प्रारंभिक अवसर यह था। आज देशभर में न्यायिक व्यवस्था तेजी से डिजिटल हो रही है। ई- फाइलिंग व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि तकनीक के माध्यम से न्यायालयों तक पहुंच को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया जा सके। सरकार से अपील तत्काल ई-फाइलिंग सेंटर की स्थापना की जाए, पत्र के आखिर में डा. वाजपेयी कहते हैं कि अन्तत्वोगात्वा चाहिए तो हाईकोर्ट बेंच ही।
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