बेगमपुल पुल से जीरो माइल की सड़क ने खोल दी घटिया निर्माण की पोल, दिन भर लगता है है गाड़ी चालक हो रहे हलकान, गाड़ी में बैठकर शहर की सड़कों पर लगते हिचकोले
मेरठ। महानगर की सड़कों पर गाड़ियों में बैठकर हिचकोले लगते हैं। शहर की सड़कों को लेकर सीएम योगी के बाद अब जिलाधिकारी ने भी जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में चिंता जाहिर की है, लेकिन इसके बाद भी शहर की सड़कें पुरासा हाल नीं है। ऐसा लगता है कि मानों शहर की सड़कें गड्ढों में गुम होकर रह गई हैं। जिस प्रकार से शहर की सड़के टूट रही हैं उससे सड़कों की निर्माण सामग्री और उनकी कार्यदायी संस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बेगमपुल से लेकर जीरो माइल्स चौराहे तक की सड़क मेरठ की सड़कों की हालत की वानगी भर है। ऐसा ही नहीं कि केवल जीरो माइल्स से बेगमपुल तक के रास्ते की रोड ज्यादा डेमेज है, शहर के ज्यादातर इलाकों को कुछ ऐसा ही हाल है खासतौर से उन इलाकों का जहां पानी की निकासी नहीं है और जलभराव होता है।
स्वतंत्र प्रभार मंत्री के इलाके का हाल
माधवपुरम वार्ड 48 का इलाका दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में शुमार किया जाता है। इस इलाके के माधवपुरम सेक्टर 3 ई ब्लॉक में 2 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क हल्की बारिश में ही उखड़ गई। यह सड़क सिर्फ 6 महीने पहले ही बनाई गई थी। सड़क खराब होने से इलाके में जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। पूर्व पार्षद तरुण गोयल ने राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर से भी शिकायत की है। लोगों ने बताया कि यह सड़क कितनी महत्वपूर्ण है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह सड़क माधवपुरम और सरस्वती लोक के लोगों के लिए रिंग रोड का काम करती है। माधवपुरम से खता रोड होते हुए भूमिया के पुल तक जुड़ती है। महानगर वासियों को सबसे ज्यादा शिकायत सीएम ग्रिड कार्य के दौरान डेमेज हुई सड़कों को लेकर है। लोगों की शिकायत है कि शहर के इन वीआईपी और पॉश इलाकों में सड़कों के खोदे जाने और धीमी गति से चल रहे काम के कारण बारिश के बाद स्थिति “विनाशकारी” हो गई। सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों के बीच बारिश होने से साकेत और वेस्टर्न कचहरी रोड पर भारी कीचड़ और गड्ढे हो गए हैं, जिससे लोगों का चलना दूभर हो गया है। हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वेस्टर्न कचहरी रोड से लोगों ने होकर गुजरना बंद दिया है। आरटीआई एक्टिविस्ट डा. संदीप पहल सबसे ज्यादा आवाज इसी रोड को लेकर उठाते हैं। बुरा हाल तो दिल्ली रोड, रेलवे रोड, शहर घंटाघर से डीएन चौराहा रोड का भी है। इसके अलावा कबाड़ी बाजार चौराहे से लेकर भूमिया के पुल की ओर जाने वाला रास्ता भी बुरी हालत में है। लिसाड़ीगेट चौराहे से लेकर हापुड़ स्टैंड और लिसाड़ीगेट चौराहे से पिलाखेड़ी रोड वाया कांच का पुल पुराना कमेले की ओर जाने वाली रोड भी पुरासा हाल नहीं। नौचंदी थाना से जाकिर कालोनी होते हुए शास्त्री नगर तेजगढ़ी और कालिया गढ़ी चौराहे की ओर जाने वाले रास्ते की भी हालत बेहद खराब है। बारिश के दौरान स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जाने वाली सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के बीच वाहन धीमी गति से गुजरते नजर आए, वहीं नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की शिकायत ह
हाइवे भी बदहाल
मेरठ के अंदरूनी इलाकों की ही नहीं बल्कि मेरठ-पौड़ी / एनएच-58 हाईवे जैसे आउटर इलाकों की भी हालत बेहद खराब है। मानसून की पहली भारी बारिश के चलते मेरठ-पौड़ी हाईवे और एनएच-58 पर सड़क धंसने व दरारें आने की खबरें सामने आई हैं। मवाना रोड की यदि बात करें तो आर्मी ग्रास फार्म से माल रोड की ओर जाने वाली रोड बुरी तरह डेमेज हो चुकी है। यहां रोड़ पर एक बड़े गड्ढे की वजह से अब तक कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन यह विशाल गड्ढा जिसमें बारिश में पानी भर जाता है अफसरों को नजर नहीं आ रहा है। लगता है संबंधित अफसरों को किसी बड़े हादसे की दरकार है। ग्रास फार्म से गंगानगर की ओर जाने वाली रोड की दोनों साइडें बद से बदत्तर हालत है। यहां गाड़ी को रिलेक्स होकर नहीं चलाया जा सड़ता। गंगानगर से ग्रास फार्म तक का इलाका छावनी अफसरों के आधीन है लेकिन रोड का रखरखाव का काम पीडब्लूडी के जिम्मे है। बारिश की वजह से यह रोड और भी ज्यादा खतरनाक हालत में पहुंच गयी है। यहां दिन में कई बार जाम सरीखे हालात रहते हैं।
अफसरों की नजरें इनायत की दरकार
शास्त्रीनगर और इससे सटे इलाकों को मेरठ का उपनगरीय इलाका माना जाता है, लेकिन इस इलाकें की सड़कों को अफसरों के नजरे करम की दरकार है। गढ़ रोड को हापुड़ रोड से जोड़ने वाले रंगोली मंडप मार्ग और आरटीओ रोड पर पिछले कई महीनों से सीएम ग्रिड योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। बारिश के कारण इन दोनों ही मार्गों पर जगह-जगह जलभराव हो गया है और धीमी गति से चल रहे काम के कारण यह पूरा स्ट्रेच हादसों का सबब बना हुआ है। सेंट्रल मार्केट और गुरुद्वारा रोड के आसपास हाल ही में आवास विकास द्वारा की गई बुलडोजर/अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई और बारिश के मिले-जुले असर के कारण मलबे और पानी से रास्ते अवरुद्ध हुए हैं। भारी बारिश के दौरान इस व्यस्त मार्केट की सड़कों पर घुटनों तक पानी भर जाता है।
रोड पर पलटे जाते ई रिक्शा
लोगों ने शिकायत की है कि सड़कों पर फिसलन और जलभराव के कारण वाहनों के बंद होने या ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। रंगोली मार्ग या आरटीओ रोड पर दिन में कई बार ई रिक्शा पलट जाते हैं। बारिश के मौसम में दो पहिया वाहन पलट जाते हैं। मानसून के इस सीजन में कई दर्जन बाइक सवार चोटिल हो चुके हैं। शास्त्रीनगर की बात करें तो आवास विकास के ध्वस्तीकरण अभियान के कारण सड़कों के किनारे भारी मात्रा में मलबा जमा हुआ है। बारिश के कारण यह मलबा और कीचड़ मिलकर मुख्य रास्तों को पूरी तरह अवरुद्ध कर रहे हैं। यहाँ से गुजरते समय भारी ट्रैफिक जाम और मलबे से टायर पंचर हो रहे हैं।
Leave a comment