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हंगामा बल प्रयोग प्रदर्शनकारियों की अरेस्टिंग

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योगेंद्र यादव, नेहा बोरा, दीपांकर भट्टाचार्य और प्रशांत भूषण सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं व नेताओं को दिल्ली पुलिस ने किया डिटेनए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर पर बवाल

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी धांधली के आरोपों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद पुलिस ने योगेंद्र यादव और नेहा बोरा समेत करीब 90 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। दा इंडियन एक्सप्रेस के सनसनीखेज खुलासे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), यूथ कांग्रेस (IYC) और अन्य नागरिक संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज में कथित गड़बड़ियों के दावों को लेकर किया गया। कॉक्राेच पार्टी ने ज्ञानेश के इस्तीफे की मांग की है और अड़तालिस घंटे का अल्टीमेटम दिया है। बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने योगेंद्र यादव, नेहा बोरा, दीपांकर भट्टाचार्य और प्रशांत भूषण सहित कई प्रमुख कार्यकर्ताओं व नेताओं को हिरासत में (डिटेन) ले लिया।

ज्ञानेश के बंगले पर सुरक्षा की दीवार

विरोध प्रदर्शन के चलतेजंतर-मंतर और मुख्य चुनाव आयुक्त के आवास के आसपास दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात किए हैं। प्रदर्शनकारियों को उनके आवास या निर्वाचन सदन की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते बंद किए हुए हैं। कांग्रेस, वामपंथी दलों (Left Parties) और आईसा (AISA) जैसे छात्र संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज में कथित गड़बड़ियों को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

भारी दवाब

कहा जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस समय भारी राजनीतिक और सामाजिक दबाव (Pressure) में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स (द इंडियन एक्सप्रेस) के उस खुलासे के बाद से उन पर चौतरफा हमले हो रहे हैं, जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के ही दो अन्य आयुक्तों (सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी) ने पिछले 10 महीनों में कई अहम फैसलों पर कम से कम 14 बार अपनी लिखित आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
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