हाईकोर्ट का पीवीवीएनएल को कनेक्शन काटने और पुलिस फोर्स मुहैय्या कराए जाने का आदेश, अब कोर्ट के आदेश गुल होगी बहू की बत्ती
मेरठ/प्रयागराज। मकान में रहते नहीं है। मकान पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इसके बाद जब पीड़ित ने पीवीवीएनएल से कनेक्शन काटने का आग्रह किया तो कनेक्शन भी नहीं काटा गया। पीड़ित मकान में रहते नहीं, लेकिन उनसे बिल वसूला जा रहा है। अब इस मामले में हाईकोर्ट ने पीवीवीएनएल को बिजली कनेक्शन काटने और बिजली कनेक्शन काटने के दौरान पुलिस फोर्स मुहैय्या कराए जाने के आदेश दिए हैं।
ये है मामला-कोर्ट के आदेश से बहू की बत्ती गुल-
मेरठ के डिफेंस एन्क्लेव, कंकरखेड़ा निवासी ऋषिपाल सिंह के मकान पर बहू के कब्जे और बिजली के बिल के विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन के स्थायी विच्छेदन के मामले में अधिकारियों से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा एवं न्यायमूर्ति सतवीर सिंह की खंडपीठ ने मामले को 25 सितंबर 2026 को अनुपालन रिपोर्ट के लिए फिर सूचीबद्ध किया है। हाईकोर्ट के 11 सितंबर 2026 के आदेश के अनुसार याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी उपस्थित हुए और याचिका में मांगी गई राहत कोर्ट के समक्ष रखी। याची ने 30 मार्च 2026 को बिजली विभाग को स्थायी रूप से बिजली कनेक्शन काटने के लिए आवेदन दिया था और न्यायालय से संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि के भीतर उस आवेदन पर कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान बिजली विभाग की ओर से अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि आपूर्ति कंपनी की ओर से 15 मई 2026 को अधिशासी अभियंता द्वारा बिजली कनेक्शन काटने के लिए पुलिस सहायता मांगी गई थी। राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने भी पुलिस सहायता के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए समय मांगा। इसके बाद न्यायालय ने मामले को 25 सितंबर 2026 को अनुपालन रिपोर्ट के लिए सूचीबद्ध किया।
रहते नहीं फिर भी लिया जा रहा बिल
याची का कहना है कि वह स्वयं अपने मकान में नहीं रह रहा है और उसका पुत्र भी विवाद के कारण किराए के मकान में रह रहा है। इसके बावजूद मकान का बिजली कनेक्शन उसके नाम पर है और बिजली का बिल भी उसे ही देना पड़ रहा है। इसी कारण उसने अपने मकान का कनेक्शन स्थायी रूप से कटवाने के लिए बिजली विभाग में आवेदन किया था। याची की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि ऋषिपाल सिंह के पुत्र आदर्श सिंह, जो एनसीआर में इंजीनियर हैं, की शादी स्वाति वर्मा पुत्री सुशील कुमार निवासी ग्राम नंगली साधारण, सकौती टांडा, मेरठ से हुई थी। वैवाहिक विवाद के बाद स्वाति वर्मा ने याची, उसके पुत्र और परिवार के सदस्यों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जहरीला पदार्थ खिलाकर गर्भ गिराने, जान से मारने के प्रयास तथा चचिया ससुर पर दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। अधिवक्ता के अनुसार मुकदमा दर्ज होने के बाद याची और उसका पुत्र मकान में ताला लगाकर वहां से चले गए। आरोप है कि इसके बाद बहू ने अपनी मां अलका देवी, बहनों शिखा एवं शालिनी तथा भाई वंश छोकर आदि को बुलाकर मकान का ताला तुड़वा दिया और मकान पर कब्जा कर लिया। याची की ओर से यह भी बताया गया कि बहू ने भौतिक विज्ञान से एम.एससी. की पढ़ाई की है। अधिवक्ता के अनुसार बहु ने अपने नाम 3 करोड़ का मकान कराने को लेकर विवाद किया था,न करने पर परिवार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया। याची का यह भी कहना है कि पुलिस जांच में दुष्कर्म, जहरीला पदार्थ देकर गर्भ गिराने तथा जानलेवा हमले जैसे गंभीर आरोप सही नहीं पाए गए।पूर्व में बहु ने अपने ही वकील जो मेरठ बार एसोसिएशन के सदस्य है खिलाफ भी झूठी शिकायत किया था। अधिवक्ता सुनील चौधरी के अनुसार याची मकान को बेचना चाहता है और इसी उद्देश्य से बिजली विभाग को कनेक्शन काटने तथा मीटर हटाने के लिए आवेदन किया गया था। विभाग की ओर से मीटर हटाने के लिए पुलिस सहायता मांगी गई, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी।
खुलकर हैं खेल रहे
याची का आरोप है कि बहू और उसके मायके के लोग मकान में रहकर एयर कंडीशनर सहित बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि बिजली का बिल उसके नाम पर आ रहा है। याची के अनुसार बहु के द्वारा लगभग 3 करोड़ करोड़ रुपये मूल्य के मकान पर कब्जा करने के साथ वहां बड़े अक्षरों में “यह मकान विवादित है” भी लिखवा दिया गया है। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि याची ने पानी एवं सीवर कनेक्शन काटने के संबंध में पहले भी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर हाइकोर्ट ने संबंधित प्रत्यावेदन पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बिजली विभाग की ओर से पुलिस सहायता के लिए भेजे गए 15 मई 2026 के पत्र को संज्ञान में लिया और पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक कदम उठाने के लिए मामला आगे की अनुपालन सुनवाई हेतु 25 सितंबर 2026 को सूचीबद्ध कर दिया।
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