दिल्ली एनसीआर के मेरठ समेत तमाम इलाकों में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) को लेकर अलर्ट जारी
नई दिल्ली।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली एनसीआर में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। जानलेवा वायरस स्वाइन फ्लू (एच1एन1) पिछले साल के मुकाबले ये इंफेक्शन इस साल बहुत तेजी से फैल रहा है। 2025 में जुलाई-अगस्त तक स्वाइन फ्लू के सिर्फ 229 मामले मिले थे, लेकिन इस साल 1777 केस मिले हैं जो कि लगभग 6 गुना ज्यादा है। यह वायरस मुख्य रूप से नाक, गले और फेफड़ों को प्रभावित करता है. लेकिन गंभीर संक्रमण होने पर इसका असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी पड़ सकता है। इस साल मानसून के दौरान मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की। सिंह ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी सरकारी अस्पतालों को इलाज की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण के पैटर्न, प्रभावित इलाकों और संभावित हॉटस्पॉट पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
तेजी से है फैल रहा
स्वाइन फ्लू कितनी तेजी से फैल रहा है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मात्र 14 दिन में 433 नए मामले सामने आए। 20 अगस्त को मिले 114 नए मरीज दिल्ली के किन अस्पतालों में रिपोर्ट हुए हैं, इसका ब्योरा स्वास्थ्य विभाग ने अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 229 मामले थे। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब आठ गुना मामले हो गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और उमस के कारण इन्फ्लुएंजा के मामले बढ़ सकते हैं। बुजुर्गों और पहले से फेफड़े, हृदय, मधुमेह सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों में संक्रमण गंभीर होने का खतरा अधिक रहता है।
बुजुर्ग और छोटे बच्चों को ज्यादा सावधानी
एलएलआरएम मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डा. आरसी गुप्ता के अनुसार, अस्पताल में मौसमी इन्फ्लूएंजा के मरीज बढ़े हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ लोगों में संक्रमण आमतौर पर ठीक हो जाता है, लेकिन बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। सीनियर पैथॉलाजिस्ट व संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल नौसरान ने भी इन्फ्लूएंजा और फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों में बढ़ोतरी की बात कही। उन्होंने बताया कि तेज बुखार और लंबे समय तक खांसी को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इस मौसम में कई मरीजों में लंबे समय तक रहने वाली खांसी और तेज बुखार देखने को मिल रहा है। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाली सूजन भी कुछ मरीजों में खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी बढ़ा सकती है। उन्होंने बताया कि एच1एन1 संक्रमण में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
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