Home मेरठ तुनक मिजाजी पड़ गई भारी पुलिस मुख्यालय कर अटैच अविनाश पांडे
मेरठ

तुनक मिजाजी पड़ गई भारी पुलिस मुख्यालय कर अटैच अविनाश पांडे

तुनक मिजाजी पड़ गई भारी पुलिस मुख्यालय कर अटैच अविनाश पांडे

Share
तुनक मिजाजी पड़ गई भारी पुलिस मुख्यालय कर अटैच अविनाश पांडे
Share

सपा के किसान नेता दिग्विजय भाटी ने अविनाश गौतम पर लगाए थर्ड डिग्री के आरोप, इंस्पेक्टर सिविल लाइन बोले कप्तान के आदेशों का किया पालन

मेरठ। विवादों से चोली दामन सरीखा साथ रखने वाले एसएसपी अविनाश पांडे पर सपा के किसान नेता दिग्विजय भाटी ने जो आरोप लगाए एक तरह से उनकी तस्दीक इंस्पेक्टर सिविल लाइन अविनाश गौतम ने कर दी है। उनका कहना है कि उन्होंने वही किया जाे कुछ कप्तान ने उनसे करने को कहा। लखनऊ अटैच कर दिए गए अविनाश पांडेय कई बार विवादों में रह चुके हैं। एक वरिष्ठ एडवोकेट के साथ भी दुर्व्यवहार की बातें सामने आई थीं। पीलीभीत में तैनाती के दौरान भी एक गेस्ट हाउस में अविनाश पांडेय के साथ मारपीट की घटना हुई थी। वहीं, मऊ में पोस्टिंग के दौरान जब अविनाश पांडेय किसी मामले में ट्रेन से प्रयागराज जा रहे थे, उस समय अटेंडेंट के साथ भी मारपीट की बात सामने आई थी। मेरठ में पुलिस कस्टडी में एक वकील की पिटाई करने के बाद तो नेशनल टीवी ने उन्हें वर्दी वाला गुंडा तक करार दे डाला था। हालांकि उस घटना को डेमेज कंट्रोल का अविनाश पांडे का काफी प्रयास किया, लेकिन वह तभी से लखनऊ की आंखों में खटक रहे माने जाते हैं। मेरठ से हटाकर कहीं पोस्टिंग ना दिया जाना अविनाश पांडे के लिए किसी सजा से कम नहीं।

बेहद गंभीर हैं अविनाश पांडे पर लगाए आरोप

मेरठ से हटा दिए गए अविनाश पांडे पर लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। उनको लेकर सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा- जो बर्बरता SSP और इंस्पेक्टर ने की। वह चिंताजनक है। सरकार को पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज करना चाहिए। जिस तरह का कृत्य एक जिम्मेदार पद पर बैठने के बाद कप्तान ने किया, उससे साफ पता चलता है कि वह मानसिक रूप से बीमार हैं। सरकार को उनका उपचार कराना चाहिए। सपा विधायक ने कहा कि इस पूरे कृत्य को अंजाम देने के बाद दिग्विजय और मोहित से जबरन लेटर लिखवाया गया। उसमें लिखा था कि उनका स्कूटी से एक्सीडेंट हुआ है। जबकि, ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। एसएसपी के पास अगर इसका कोई साक्ष्य है तो वह सामने पेश करें। उनकी बर्बरता का सबूत उनके दफ्तर में लगे सीसीटीवी में मौजूद हैं।

ये बोले डा. दिग्विजय भाटी

भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी ने बताया कि 19 अगस्त को मैं और हमारे जिलाध्यक्ष मोहित SSP से मिलने गए थे। ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन मामले में पुलिस ने हम 8-10 लोगों को जेल भेज दिया था।हमारी कोई गलती नहीं थी और न ही हम प्रोटेस्ट में शामिल थे, इसलिए हम कप्तान साहब से अपनी बात रखने गए थे। जब हम SSP से मिले तो वे भड़क गए।अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहने लगे- “40 रुपए का कुर्ता-पायजामा पहनकर नेता बन जाते हैं, हमसे टकराएंगे?” जब हमने गाली देने का विरोध किया, तो एसएसपी अपने चैंबर में खींचकर ले गए और लात-घूंसों, जूतों से हमारी पिटाई कर दी।

इंस्पेक्टर सिविल लाइन ले गए एसओजी दफ्तार

दिग्विजय भाटी का कहना है कि वहां से सिविल लाइंस प्रभारी अखिलेश गौड़ से कहा कि देखते हैं कितनी खातिरदारी कर पाते हो। फिर वो हमें एसओजी (SOG) दफ्तर ले गए। बंद कमरे में हम दोनों के हाथ-पैर बांधकर डंडों से पिटाई की। रात 2 बजे जब अतुल प्रधान पहुंचे, तब हमें छोड़ा गया। शर्त रखी गई कि अगर मीडिया में बात आई तो इससे बुरा हाल किया जाएगा। दिग्विजय भाटी ने जो आरोप लगाए एक तरह से उनकी तस्दीक इंस्पेक्टर सिविल लाइन अविनाश गौतम ने कर दी है। उनका कहना है कि उन्होंने वही किया जाे कुछ कप्तान ने उनसे करने को कहा।

ये है पूरा मामला

ललिता गौतम हत्याकांड में प्रदर्शनकारियों पर थप्पड़ बरसाने वाले SSP अविनाश पांडेय पर सपा नेता ने मारपीट के आरोप लगाए हैं। सपा नेता डॉ. दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने दावा किया कि SSP ने उन्हें अपने चैंबर में गालियां दीं। बुरी तरह से मारा-पीटा। अपने बूट से ताबड़तोड़ वार किए। उन्हें अंदरूनी चोटें आईं और उनकी एक आंख भी सूज गई। दिग्विजय ने शुक्रवार को सपा विधायक अतुल प्रधान के आवास पर चोटिल आंखों पर पट्‌टी बांधकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अपने घाव दिखाकर फूट-फूटकर रोए। कहा कि हमें नहीं पता था कि SSP हमसे नफरत पालकर बैठे थे। उन्होंने हमें तब तक पीटा, जब तक कि हम बेहोश नहीं हो गए। इंस्पेक्टर सिविल लाइन अखिलेश गौड़ हमें होश में लाकर बार-बार बर्बरता करते रहे। उन्होंने बताया- पुलिसवालों ने मोबाइल पर गाना बजाया- ‘चोली के पीछे क्या है…।’ हमसे बार-बार इस गाने पर नाचने को कहा। हम खड़े भी नहीं हो पा रहे थे, फिर भी हमें नचवाया जा रहा था। सब हम लोगों पर हंस रहे थे। हम हाथ जोड़ रहे थे, लेकिन किसी को तरस नहीं आया। हालांकि, मेरठ पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया है। कहा कि दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं। उनको चोटें स्कूटी से गिरने की वजह से आई हैं। इस बीच, एडीजी मेरठ भानु भास्कर ने सहारनपुर DIG अभिषेक सिंह को मामले की जांच सौंप दी है। इससे पहले, गुरुवार देर रात SSP अविनाश पांडेय को हटाकर पुलिस हेडक्वार्टर से अटैच कर दिया गया।
Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

18 + six =

Related Articles

निगम प्रवर्तन दल का घंटाघर इलाके में जबरदस्त अभियान

निगम प्रवर्तन दल का घंटाघर इलाके में जबरदस्त अभियान

टेंट कारोबारी बोले कम की जाए जीएसटी की दरें

टेंट कारोबारी बोले कम की जाए जीएसटी की दरें

सरधना में किसका खेल खराब करेंगे विनीत भराला

सरधना में किसका खेल खराब करेंगे विनीत भराला

राहत के लिए डाक्टरो को भाजपा के दमदार नेताओ की तलाश

राहत के लिए डाक्टरो को भाजपा के दमदार नेताओ की तलाश