नई दिल्ली। चाय कॉफी की मिठास को चीनी की कीमतों में भारी इजाफ ने कसैला कर दिया है। त्यौहारों से पहले चीनी के आसमान छू रहे दामों की वजह से त्यौहारी सीजन में आम आदमी की जेब पर एकदम बोझ पड़ गया है वहीं दूसरी ओर रसोई का बजट भी बुरी तरह से गड़बड़ा गया है। चाय से लेकर शाम के दूध, मिठाई, चाकलेट आदि में प्रयोग होने वाले चीनी व गुड़ कीमतों में भारी उछाल से आम आदमी की जेब पर मोदी सरकार ने एकाएक बोझ बढ़ा दिया है। एक महीने के अंदर चीनी के दाम 45 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं गुड़ के दाम में भी बढ़ोत्तरी हुई है। 60 रुपये प्रति किलो बिकने वाला गुड़ अब 70 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। पेट्रोल में मिलावट के लिए एथेनाल उत्पादन को चीनी के बढ़ते दाम की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। डबल रिफाइंड चीनी के 50 किलो बोरे के दाम 3100 रुपये है, यह चीनी पीलीभीत में एलेक शूगर फैक्ट्री से तैयार हो रही है। वहीं बलरामपुर में तैयार हो रही सल्फिटेशन का दाम 3060 रुपये प्रति 50 किलोग्राम तक पहुंच गया है। ऐसे में यह चीनी फुटकर विक्रेता के पास एक से दो रुपये महंगी बिकेगी। इस बार गन्ने की पैदावार कम हुई है, ऐसे में मिलों के उत्पादन पर भी असर पड़ा है। एथेनाल उत्पादन को भी लोग एक प्रमुख कारण मान रहे हैं।
मिठाइयों के दाम आसमान पर
इन दिनों पूरे देश में त्यैहारी सीजन चल रहा है। आने वाले दिन भी त्यौहारी सीजन के हैं। ऐसे में चीनी व गुड की कीमतों में भारी उछाल के चलते मिठाइयों के दाम बढ़ना तय हैं। खुद मिठाई कारोबारी भी कह रहे हैं कि चीनी व गुड़ की महंगाई का यही हाल रहा तो आगे मिठाइयों के दाम ज्यादा बढ़ सकती है। वर्तमान में करीब पांच प्रतिशत तक मिठाइयोें के दाम पर इसका असर दिख रहा है। चीनी की महंगाई का असर अब महसूस हो रहा है। अभी सामान्य रूप से महंगाई बढ़ी है। चीनी के चलते मिठाई महंगी हो रही है। रक्षाबंधन से ही इसका असर दिखेगा।
चूरा व ठोस गुड़ दोनों के दाम बढ़े
सदर बाजार और शहर दाल मंड़ी की बात करें तो बाजार में ठोस गुड़ पहले 60 से 65 रुपये प्रति किलो हो गया, बाद में अब इसका दाम 70 रुपये पहुंच गया है। वहीं गुड़ का चूरा 70 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 80 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया है। विक्रेता गोपाल ने बताया कि चीनी के दाम बढ़ने से गुड़ के दाम पर भी असर पड़ा है। आगे से ही बढ़ा हुआ रेट आ रहा है।
चीनी कंपनियों के शेयर में भारी गिरावट
सरकार ने त्योहारों के मौसम से पहले घरेलू सप्लाई बढ़ाने और रिकॉर्ड-हाई कीमतों को कम करने के लिए 1 मिलियन मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की इजाज़त दी। इसके बाद शुरुआती कारोबार में चीनी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई। इस गिरावट में डालमिया भारत शुगर सबसे आगे रही, जिसके शेयर 5.47% गिरकर ₹480.30 पर आ गए, जबकि द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज के शेयर 4.32% गिरकर ₹52.99 पर बंद हुए। बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयर 4.15% गिरकर ₹735.25 और त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज के शेयर 3.82% गिरकर ₹288.60 पर आ गए।
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