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इनकम टैक्स के ताबड़तोड़ नोटिसों से हड़कंप

इनकम टैक्स के ताबड़तोड़ नोटिसों से हड़कंप

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इनकम टैक्स के ताबड़तोड़ नोटिसों से हड़कंप
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तीस लाख की सेलरी वाले ITR नहीं हैं भर रहे, इनकम टैक्स ने इसको बताया है गैरकानूनी, भेजे जा रहे हैं ताबड़तोड़ नोटि

नई दिल्ली। भारी भरकम सेलरी के बाद भी ITR ना भरने वाले इनकम टैक्स के रडार पर आ गए हैं। तीस लाख रुपए की सालाना सेलरी होने पर भी आईटीआर /ITR ना भरने को कानूनन गलत बताया जा रहा है। बताया गया है कि नियमानुसार टैक्स कट जाने (TDS) या फॉर्म समय पर न मिलने के बावजूद, उच्च आय वाले हर व्यक्ति को तय समय पर इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होता है। इस मामले के नियमों की यदि बात की जाए तो 30 लाख रुपये जैसी उच्च आय पर टैक्स स्लैब के तहत कर देनदारी बनती है, और टीडीएस कटने के बाद भी रिटर्न भरना जरूरी है। हालांकि ऐसा नहीं है कि इनकम टैक्स से बचने के कोई तरीके ही मौजूद नहीं। ऐसे तरीके हैं जिनसे इनकम टैक्स से बचा जा सकता है लेकिन सौ फीसदी चोरी संभव नहीं।

राहत और जुर्माना

हाल ही में दिल्ली के ITAT का फैसला चर्चा में है, जहां 30 लाख की सैलरी पर आईटीआर न भरने वाले एक व्यक्ति पर 3.74 लाख का जुर्माना लगाया गया था, जिसे ट्रिब्यूनल ने यह मानते हुए हटा दिया कि आय छुपाई नहीं गई थी और डेटा फॉर्म 26AS में पहले से था। जुर्माना हटने का यह मतलब नहीं है कि आईटीआर न भरना सही है। समय पर रिटर्न न देने से कानूनी नोटिस, जांच और अन्य पेचीदगियां हो सकती हैं। धारा 80C के तहत निवेश: PPF, ELSS (म्यूचुअल फंड), EPF, और बच्चों की स्कूल ट्यूशन फीस के जरिए आप सालाना ₹1.5 लाख तक की आय पर टैक्स बचा सकते हैं। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS): धारा 80CCD(1B) के तहत NPS में निवेश करके आप ₹1.5 लाख के अलावा ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट पा सकते हैं। हेल्थ इंश्योरेंस (धारा 80D): अपने, जीवनसाथी और बच्चों के मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम पर ₹25,000 तक (और वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए अतिरिक्त ₹50,000 तक) की छूट मिलती है। होम लोन पर राहत (धारा 24B): होम लोन के ब्याज भुगतान पर सालाना ₹2 लाख तक की टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। हाउस रेंट अलाउंस (HRA): अगर आप किराए के मकान में रहते हैं और आपको सैलरी में HRA मिलता है, तो आप नियमों के तहत टैक्स कटौती का लाभ ले सकते हैं।

टैक्स चोरी को ना

टैक्स चोरी करना (Tax Evasion) एक गंभीर कानूनी अपराध है, जिसके लिए भारी जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है। टैक्स चोरी करने या कानून तोड़ने का कोई तरीका नहीं है, यदि आप अपनी टैक्स देनदारी को कम करना चाहते हैं, तो भारत के आयकर कानून के तहत कई पूरी तरह से वैध और कानूनी तरीके (Tax Planning) मौजूद हैं।
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