मेरठ।/करोड़ों कीमत की तालाब की सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं के अवैध कब्जों को खुद हटाने की पहल करने के बजाए अभी रिवायती कार्रवाई मसलन आमतौर पर इस प्रकार के आदेशों पर जिस प्रकार की लेटलतीफी की जाती है अभी तो वैसा ही कुछ करते नजर आ रहे हैं। यह हाल तो तब है जब सूबे के सीएम खुद बार-बार और लगातार सार्वजनिक रूप से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ बुल्डोजर की कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन यहां डीएम ने मवाना के गांव अगवानपुर में तालाब की सरकारी जमीन पर कब्जे के जिस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं उस पर अभी कार्रवाई का इंतजार है।
यह है पूरा मामला
जनपद की तहसील मवाना के गांव अगवानपुर में खसरा नम्बर 770, 768, 773 में तालाब दर्ज है व 767 पर पझावा दर्ज है। इंतजार अहमद खां पूर्व चैयरमैन किसान सेवा सहकारी समिति लि. अगवानपुर तहसील मवाना का आरोप है कि गांव के केहर सिह पुत्र सुमेरा, नितिन पुत्र केहर सिंह, मूले पुत्र केवल आदि ने उपरोक्त राज्य सरकार की सम्पत्ति पर कब्जा कर रखा है। इस मामले को लेकर पूर्व चैयरमेन ने जिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र दिया। जिसमें उन्होंने यह भी बताया कि वह पूर्व में लगभग बीस बार उपरोक्त कब्जे के सम्बधित उपजिलाधिकारी मवाना व डीएम कार्यालय पर प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। इस मामले में पूर्व में भी डीएम के द्वारा कार्रवाई के आदेश दिए जाने की जानकारी इंतजार अहमद ने दी और आरोप लगाया कि डीएम के आदेशों के बाद भी आज तक उक्त कब्जाधारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नही हुई और आगे को तालाबों मे कंब्जा बढाते चले जा रहे है। उन्होंने बताया कि खसरा नम्बर 892 जो सरकारी भूमि बंजर के रूप मे दर्ज हैं उसको भी संजीव व गजेन्द्र पुत्रगण कान्ती निवासीगण अगवानपुर तहसील मवाना ने कब्जा कर रखा है। इन मामलों में मवाना तहसील को जांच रिपोर्ट दाखिल करनी थी। हालांकि इंतजार का कहना है कि उन्होंने डीएम को दिए गए अपने शिकायती पत्र में आग्रह किया था कि मवाना तहसील से इस मामले की जांच ना करायी जाए, लेकिन बार-बार मवाना तहसील को जांच लिखी जाती है और वहाँ के सम्बन्धित अधिकारी द्वारा सम्बधिन्त कब्जाधारीयो के खिलाफ कोई मुकदमा भी दर्ज नही कराया गया है और ना ही कब्जा हटवाया गया । जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि सम्बन्धित अधिकारी तहसील गयाना के कब्जाधारीयो को कब्जा करने की छूट दे रखी है। इंतजार ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि किसी दूसरी तहसील से उक्त प्रकरण में जांच करायी जानी चाहिए।
डीएम कार्यालय से एसडीएम को पत्र
मवाना के गांव अगवानपुर में तालाब की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की इंतजार की शिकायत पर जिलाधिकारी कार्यालय से उप जिलाधिकारी मवाना को ३ अगस्त साल २०२५ को प्रेषित पत्र में जाँच के लिए आदेश किए जाने पर तहसील मवाना द्वारा वास्तविकता के विपरीत, अवैध कब्जाधारियों को सहयोग करते हुए झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का उल्लेख किया गया है। प्रार्थना पत्र में क्षेत्रीय लेखपाल एवं अवैध कब्जाधारियों के विरूद्ध कार्यवाही किए जाने की मांग की गयी है। साथ ही एसडीएम मवाना को निर्देशित किया गया कि वह अपने स्तर पर पुन: अभिलेखीय परीक्षण कर लें तथा वस्तुस्थिति से एक सप्ताह में अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराना सुनिश्चित करें। आदेश के एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट डीएम कार्यालय को प्रेषित की जानी थी। यह बात अलग है कि अभी भी डीएम कार्यालय को एसडीएम मवाना कार्यालय से आने वाली जांच का इंतजार है।
यह कहना है एसडीएम मवाना का
इस संबंध में जब इस संवाददाता ने एसडीएम मवाना संतोष कुमार सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि वहां तहसीलदार, कानूनगो और तहसीलदार की टीम भेजी गयी थी। इस टीम की रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं दूसरी ओर तहसीलदार निरंजन से जब संपर्क का प्रयास किया तो उनका मोबाइल स्वीच ऑफ जाता रहा।
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