नई दिल्ली। परीक्षा पेपर लीक कराने में देश भर में भाजपा शासित सरकारें कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। ताजा मामला महाराष्ट्र का सामने आया है जहां आज शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। शिक्षक पात्रता परीक्षा कल यानि रविवार को होनी थी। लेकिन उससे पहले ही पेपर लीक होने से परीक्षा को लेकर राज्य की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के इंतजामों के दावों की पोल खुल गयी है। जो युवा अभ्यार्थी अरसे से शिक्षक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे थे वो अब महाराष्ट्र की फडनवीस सरकार को कोस कर पूछ रहे हैं कि हिन्दू मुसलमान के अलावा क्या परीक्षा कराना भी आता है।
यह हुआ
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने राज्य भर में कुल 1028 केंद्रों पर 28 जून को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बदइंतजामी की वजह से या फिर यह मान लिया जाएं कि चंद सिक्कों के लालच में परीक्षा से पहले पेपर लीक करा दिया गया। कुल 4 लाख 28 हज़ार 122 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था. इनमें से 2 लाख 26 हज़ार 363 सेवारत शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होना था। नीट 2026 परीक्षा में हुई अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए, महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद द्वारा सभी सुरक्षा उपाय किए थे। इस बीच, शिक्षक के रूप में नियुक्ति पाने के लिए आवश्यक टीईटी परीक्षा की तैयारी कर रहे कई उम्मीदवारों को धक्का लगा है। शिक्षक पात्रता परीक्षा से पहले पेपर लीक होने पर विपक्ष ने फडनवीस सरकार पर हमला बोला है। वहीं दूसरी ओर जो अभ्यार्थी इस परीक्षा में बैठने जा रहे थे उनका कहना है कि परीक्षा कराने में फडनवीस सरकार भाजपा शासित दूसरे राज्यों के सीएम और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की तर्ज पर पूरी तरह से फेल हो गए हैं। विपक्ष ने सत्ताधारी सरकार पर पहले नीट परीक्षा और अब टीईटी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक करने का आरोप लगाया है। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद, पुणे ने इस संबंध में एक नोटिस जारी किया है।
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