नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बाद हुए शांति समझौते की प्रमुख शर्त में लेबनान में बमबारी रोकने की बात शामिल किए जाने से उत्साहित घर लौट रहे लेबनानिलयों को इजरायली फौजी गोली मार रहे हैं। इससे डर और दशहत का माहौल है, हालांकि कुछ लेबनानी छिपकर किसी प्रकार लेबनान स्थित उनके बमबारी में बर्बाद कर दिए घरों तक पहुंचे हैं, लेकिन उनके सामने मुख्य समस्या खंडहर बना दिए घरों को संवारने की है। उनके पास ना तो पैसे हैं और ना ही सामान। उनको समझ नहीं आ रहा है कि घर तक पहुंच गए लेकिन खंडहरों में रहेंगे कैसे। ऊपर से इजरायली बमबारी का खतरा भी बना हुआ है।
इजरायल ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेसी वेंस को दो टूक कह दिया कि लेबनान पर हमले रोकने की बात ना की जाए क्योंकि इस मामले में इजरायल कभी भी अमेरिका की बात नहीं मानेगा। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायली सेना कब्जे वाले क्षेत्रों से “पीछे नहीं हटने वाली है”। लेबनानी समूह हिजबुल्लाह ने इजरायल पर लेबनान के दक्षिण में अपने घरों को लौटने की कोशिश कर रहे नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है, जिसमें दो लोग मारे गए और एक तीसरा व्यक्ति घायल हो गया।
स्ट्रेट होर्मूज पर टोल पर टकराव
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद स्ट्रेट होर्मूज को खोल दिया गया है, लेकिन बकौल ईरान यह व्यवस्थ सशर्त है। इससे निकलने वाले सभी जहाजों को टोल देना होगा। यह बात समझौते में शामिल है। ईरान के इस दावे से मिडिल ईस्ट यानि खाड़ी के अरब देश पशोपेश में हैं। हालांकि इस मुद्दे पर बहरीन में हुई बैठक के बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका और उसके मित्र अरब देश स्ट्रेट होर्मूज से गुजरने की एवज में किसी प्रकार का टोल ईरान को नहीं देंगे। ईरान का कहना है कि स्ट्रेट होर्मूज से गुजरना है तो टोल देना ही होगा। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने बिना अनुमति के गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
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