Home मेरठ महापौर के वार्ड की सुध लेने की फुर्सत नहीं अफसरों को
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महापौर के वार्ड की सुध लेने की फुर्सत नहीं अफसरों को

महापौर के वार्ड की सुध लेने की फुर्सत नहीं अफसरों को

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महापौर के वार्ड की सुध लेने की फुर्सत नहीं अफसरों को
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मेरठ। महापौर यानि मेरठ के प्रथम नागरिक हरिकांत अहलूवालिया का पुश्तेनी घर तिलक रोड और उससे सटे बेगमबाग समेत इस वार्ड संख्या 52 के तमाम गली मोहल्लों में समस्या ही समस्या हैं। पहले यहां यह बता दें कि केवल महापौर का पुश्तैनी घर ही इस वार्ड में नहीं पड़ता। इस वार्ड में सबसे प्रमुख तो मेरठ विकास प्राधिकरण की एक कालौनी है। उसके सामने एक गुरूद्वारा है। बेगमबाग मेन बाजार की बात करें तो वहां दो दो मंदिर हैं। एक मस्जिद भी यहां है और इसका शुमार शहर की पुरानी और घनी आबादी वाले इलाकों में होता है। इस इलाके में महापौर के अलावा भाजपा और संघ से जुड़े कई पदाधिकारियों के आवासों के अलावा भाजपा का बड़ा चेहरा व एमएलसी अश्वनी त्यागी का भी मकान है। उनके ठीक सामने यानि यदि वेस्टर्न कचहरी रोड पर कर उस ओर पहुंच जाएं तो सांसद राजकुमार सांगवान और एक गली और पार कर लो तो कैंट विधायक अमित अग्रवाल का आवास है। सामने ही आरएसएस मुख्यालय शंकर आश्रम भी है। लेकिन यह इस वार्ड से अलग है। लेकिन कनेक्टिविटी जरूर कही जा सकती है। इतना कुछ होते हुए भी महापौर के पुश्तैनी इलाके में रहने वाले तमाम वाशिंदे इस वार्ड की जो समस्याएं हैं मुश्किलें हैं उनको लेकर अनदेखी किए जाने से परेशान हैं और उलाहना देते हैं कि जब महापौर अपने वार्ड को नहीं संभाल पा रहे हैं तो पूरे महानगर को कैसे और कितना संभाल पा रहे होंगे इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

ये हैं समस्याएं

इस वार्ड में रहने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट और ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा पुनीत शर्मा इस वीआईपी वार्ड की समस्याें की फेरिस्त ऊंगलियों पर गिना देते हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो साल से जिस गली में महापौर का आवास है वो कभी किसी ताे कभी किस काम के नाम पर खोद दी जाती है। वहां दिन भर धूल उड़ती है। इसका बुरा असर कारोबार पर पड़ रहा है। इससे ग्राहकी काम हो गयी है। वार्ड की कई गलियों में नालियां कचरे से भरी मिलीं और गंदा पानी सड़कों पर बहता दिखाई दिया। कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। वेस्टर्न कचहरी रोड और आसपास के बाजारों में सीएम ग्रिड योजना के कार्य के चलते धूल और बदइंतजामी का आलम है। यहां सबसे बड़ी समस्या सफाई की है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं। यदि अभी बारिश आ जाए तो यहां बुरी तरह से पानी भर जाएगा।

पुनीत शर्मा व उनके प्रतिष्ठान पर बैठने वाले तमाम लोगों ने बताया कि यहां काम तो कराया जा रहा है लेकिन मेन रोड पर मगर जो काम मेनरोड पर नगर निगम अफसर करा रहे हैं, लेकिन जो अवैध कब्जे हैं उन्हें नाले नालियों पर से नहीं हटाया जा रहा है। इसकी कीमत बारिश के मौसम में चुकानी होगी। जीआईसी के बाहर बनाया गया नाला एल शेप में तिरछा कर दिया लेकिन अवैध कब्जे नहीं हटाए। नाला इसलिए बनाया गया था ताकि अवैध कब्जे हटवाए जा सके, लेकिन नाला बन जाने के बाद वहां तो अवैध कब्जों की दशा और भी ज्यादा खराब हो गयी है। बेगमबाग, तिलक रोड और पीएम शर्मा रोड समेत इस वार्ड के तमाम गली मोहल्लों के लोग चाहते हैं कि अफसर कम से कम महापौर का वार्ड होने के नाते इस वार्ड का खास ध्यान रखें। पुनीत शर्मा ने बताया कि यहां की समस्याओं को लेकर वह महापौर, नगरायुक्त और जिलाधिकारी को भी पत्र लिख चुके हैं, लेकिन बात तो तब है जब सुनवाई और समस्याओं का भी समाधान हो जाए।

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