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सैक्टर तीन व चार में दो दिन बाद बुलडोजर एक्शन

सैक्टर तीन व चार में दो दिन बाद बुलडोजर एक्शन

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आवास विकास के नोटिसों के विरोध में धरना
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मेरठ। शास्त्री नगर सेक्टर तीन व चार में आवास विकास के सैटबैक छोड़े जाने को लेकर मकानों पर चस्पा किए गए नोटिसों की मियाद यानि सैटबैक तोड़ने की आखिरी तारीख 8 मई को पूरी हो जाएगी। इन दोनों सैक्टर में जिन भवनों पर आवास विकास परिषद के अफसरों ने नोटिस भिजवाए हैं उनके तोड़फोड़ मसलन सैटबैक छोड़े जाने का काम 8 मई से पहले पूरा किया जाना है। आवास विकास परिषद के अफसरों की एक टीम यही संदेश लेकर सैक्टर तीन व चार पहुंची। वहां के लोगों से दो टूक कह दिया या तो खुद अपने अवैध निर्माण तोड़ दीजिए अन्यथा यदि आवास विकास परिषद ने कार्रवाई की तो उसका हर्जाना वसूला जाएगा।चेतावनी से दशहत में परिवार

आवास विकास अफसरों की चेतावनी के बाद सैक्टर तीन व चार में रहने वाले तमाम परिवार जहां नोटिस पहुंचे हैं वो दहशत मे हैं। उन्होंने इसको लेकर काफी भाग दौड़ की। महिलाओं ने बताया कि जब कोई रास्ता उन्हें नहीं सूझा तो थकहार अपनी लड़ाई खुद लड़ने का फैसला किया। महिलाओं ने बताया कि भाजपा के जिन नेताओं से मदद की दरकार की थी, उन्हें जब पूरा मामला बताया तो उन्होंने कॉल ही रिसीव करना बंद कर दिया या फिर नंबर ही ब्लैकलिस्टेड कर दिया। आवास विकास की लॉस्ट वार्निंग के बाद तमाम परिवारों की महिलाएं और बच्चे अब सैक्टर तीन चौराहे पर ही टैंट लगाकर धरना दे रही हैं। उनके धरने का आज दूसरा दिन है। धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि वो किसी भी कीमत पर सैटबैक नहीं छोड़ेंगी। इतने से छोटे मकान में यदि सैटबैक छोड़ दिए जाते हैं तो फिर मकान रहेंगा ही कहां। कहां पर परिवार को लेकर जाएंगे।

आवास विकास के सैटबैक नोटिसों का विरोध करने वालों का कहना है कि साल 1982 में जब आवास विकास परिषद ने शास्त्रीनगर आवासीय योजना लॉच की थी और प्लाटों का आवंटन किया था उस वक्त उनके बाॉयलॉज में कहीं भी सैटबैक का कांसेप्ट नहीं दिया गया था। जो मकन खुद आवास विकास परिषद ने बेचे थे उनमें भी कहीं भी कोई सैटबैक जैसी स्थिति नहीं थे, फिर अब इतने साल बाद कहां से सैटबैक की ऑफत लेकर आ गए। किसी भी दशा में मकानों को छूने नहीं दिया जाएगा।

अब तक यह हुआ

शास्त्रीनगर सैंट्रल मार्केट और तमाम सैक्टरों में सैटबैक को लेकर आवास विकास परिषद ने नोटिस दिए हैं। सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर 44 मकानों पर सील लगा दी गयी है। सील के बाद तमाम ऐसे लोग रहे जिन्होंने अपने मकान का स्वरूप ही चेंज कर दिया। जो पहले कारोबारी नजर आते थे उसको पूरी तरह से रिहायश में तब्दील कर दिया है। हालांकि वो अब वहां रह नहीं रहे हैं। तमाम लोग वहां से शिफ्ट हो चुके हैं। इसके अलावा जो अन्य हैं 1 से 1ृ1 तक के सैक्टर हैं जिनमें कुल 815 आवास हैं उनको भी नोटिस जारी किए गए हैं। सैटबैक के इन्हीं नोटिसों को लेकर बबाल हो रहा है।

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