मेरठ/ चहूं ओर हो रही फजीहत के बाद दुख की घड़ी में साथ देने के बजाए भाजपा के नेता इंसाफ मांग रहे सेंट्रल मार्केट सेक्टर दो के व्यापारियों को डराने धमकाने पर उतर आए हैं। इतना ही नहीं उतनी आवाज को दबाने के लिए पुलिस फोर्स को भेजा जा रहा है, लेकिन शायद पुलिस वालों में इंसानियत और करुणा दया बाकि रह गयी है। इस बड़े नेता के कहने पर मौके पर पुलिस पहुंच तो गयी, लेकिन जब शांति पूर्वक धरना दे रहे व्यापारियों को देखा तो वापस लौट गए। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट से सटे सेक्टर दो के व्यापारी आज धरने पर बैठे हुए थे। ये लोग सरकार से इंसाफ की गुहार लगा रहे थे। लेकिन व्यापारियों के इंसाफ मांगने की यह बात इस इलाके के भाजपा के एक बड़े नेता को नागंवार गुजरी। सुनने में आया है कि पहले तो इलाके के एक बड़े व्यापारी नेता को कॉल कर उसको फटकार लगायी गयी। यह भी सुना जा रहा है कि भाजपा के इस नेता ने फिर व्यापारी नेता से सेक्टर दो में धरना दे रहे व्यापारियों को उठाने को कहा। इसके बाद यह व्यापारी नेता धरने पर बैठे व्यापारियों के बीच पहुंचा और भाजपा के नेता की मंशा बतायी। इतना ही नहीं इस व्यापारी नेता ने व्यापारियों को धरना खत्म कर अपने घर जाने को कहा। धरने पर बैठे व्यापारियों को शायद इस प्रकार के घटनाक्रम की उम्मीद नहीं थी। उन्हें समझ नहीं आया कि बजाए साथ देने के भाजपा के नेता अब उनकी आवाज बंद कराने पर उतारू हैं। उन्होंने धरना खत्म करने से इंकार कर दिया।
आ धमकी पुलिस फोर्स
धरना दे रहे व्यापारियों ने जब उठने से माना कर दिया तो कुछ ही देर में वहां पुलिस फोर्स आ धमकी। लेकिन व्यापारी किसी प्रकार की नारेबाजी या हंगामा नहीं कर रहे थे। उनका धरना शांति पूर्वक था। मामला भाजपा से एक बड़े नेता से जुड़ा था, इसलिए कुछ ही देर में वहां सीओ भी आ धमके। कुछ देर तक वहां रूके और लौट गए। जिन व्यापारियों की आवाज खामोश कराने की कोशिश की जा रही है, वो पहले ही पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं।
पलायन की बोर्ड चस्पा
ये वो व्यापारी हैं जिन्होंने अपने मकानों पर पलयान और बिकाऊ है के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अब यहां रहकर करेंगे भी क्या। आवास विकास परिषद तो पहले ही उनके कारोबार को बंद कराने पर उतारू है। दुकानों को सील कर दिया है। जब कारोबार ही नहीं रहेगा तो यहां रहकर करेंगे क्या। धरने पर बैठे व्यापारियों का कहना है कि वो सिर्फ अपनी आबाद सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं लेकिन उनकी आवाज को खामोश किया जा रहा है।
बंद भी बेअसर
सेंट्रल मार्केट के जिन ४४ व्यापारियों के प्रतिष्ठान सील कर दिए गए हैं संयुक्त व्यापार संघ उनके लिए मेरठ बंद कराया। हालांकि यह बात अलग है कि पूरे महानगर में बंद का आशिक असर रहा। लेकिन बंद के बाद जिस असर की बात कही जा रही थी, वो नहीं नजर आया। उल्टे सोशल मीडिया पर बंद के साइड इफैक्ट को लेकर मीम डाले गए। इन मीम में एक मीम भाजपा के कुछ नेताओं के चित्र लगाकर उन्हें लापता करार दे दिया गया।
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