लोगों के लिए अब पूरी तरह निशुल्क होंगे कैंट बोर्ड के वाटर एटीएम
नवागत सब एरिया कमांडर ने दिलाया हरे भरें कैंट का संकल्प, साफ सफाई के साथ ही तर होंगे अरसे से खूख रहे वाटर एटीएम के गले
मेरठ। कैंट बोर्ड के नवागत अध्यक्ष/ ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने बोर्ड अफसरों को छाबनी को हरा भरा करने का संकल्प दिलाया है। साथ जिस आबूनाले की पहचान गंदगी बन गयी है वहां ना केवल सौन्दर्यीकरण कराया जाएगा बल्कि आबूनाले के दोनों ओर 15-15 फुट की जालियां लगाकर नाले के दोनों ओर इस प्रकार के पौधे लगाए जाएंगे जो नाले के गंदे पानी को साफ पानी में परिवर्तित कर दें। यदि कुछ ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह की अनुशानुसार समय पर अंजाम दिया गया तो मेरठ छावनी का आबूलेन नाले के आसपास का एरिया संभवत: पिकनिक स्पॉट की तर्ज पर डवलप कर लिया जाए। ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने चार्ज के बाद बतौर अध्यक्ष पहली बोर्ड बैठक में शिरकत की। शुरूआत सीईओ जाकिर हुसैन द्वारा ऐजेंडा पेश किए जाने के साथ की गयी। बोर्ड की शुरूआत में ही अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि आज की बैठक की थीम हमारा कैंट हरा भरा कैंट है साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जो निर्णय लिए जाए उसका परिणाम सामने आना चाहिए। बोर्ड बैठक में लोगों के लिए गर्मी में राहत का फैसला वाटर एटीएम एक्टिवेट किए जाने का रहा।
जुटाया जाएगा पेड़ों का डाटा
छावनी इलाके में जितने भी पेड़ हैं उन सभी का डाटा जुटाया जाएगा। दरअसल इसको बोर्ड अध्यक्ष के हरा भरा कैंट प्रोजेक्ट का हिस्सा माना जा रहा है। आबूलेने के दोनों साइडों में 15-15 फुट की जालियां भी इसीलिए लगवायी जाएंगी ताकि नाले में जो लोग गंदगी डंप कर रहे हैं उसको रोका जा सके। अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह इस प्रकार का सिस्टम चाहते हैं कि एक ओर से नाले की गंदगी का साफ किया जाए और दूसरी ओर जो रिपयिरंग का वर्क है वो भी हाथों हाथ कराया जाए।
तर होंगे वाटर एटीएम के गले
करीब तीन दशक पहले पूरे कैंट क्षेत्र में बोर्ड ने वाटर एटीम लगवाए थे। इसका रखरखाव एक ऐजेंसी को दिया गया था, लेकिन ना तो ऐंजेसी अपना काम ठीक से कर पायी और ना लोगों को साफ पानी मय्यसर हो सा। हां इतना जरूर हुआ कि जहां जहां ये वाटर एटीम लगाए गए वहां गंदगी रहने लगी। कुछ वाटर एटीम उखाड़ भी दिए गए और कुछ जगह अवैध कब्जे हो गए हैं, लेकिन बोर्ड अध्यक्ष ने सभी वाटर एटीएम के अगले 48 घंटों के दौरान एक्टिवेट हो जाने और आसपास साफ सफाई का माकूल इंतजाम को कहा है। साथ ही यह भी कि जो पानी दिया जाएगा उसकी एवज में कोई पैसा पब्लिक से नहीं लिया जाएगा। इस काम में देरी मुनासिब नहींं होगी।
मौके पर पहुंचकर करेंगे मुआयना
बोर्ड बैठक में अध्यक्ष ने जानना चाहा को गडढे रोड में बन जाते हैं उनकी मरम्मत कैसे की जाती है, उन्हें तरीका बताया गया लेकिन अध्यक्ष ने बताया कि वह स्वयं मौके पर पहुंचेंगे औा इस काम का खुद मुआयना करेंगे। इसके अलावा अध्यक्ष पूरे कैंट की सड़कों के काया कल्प की बात कही। यह काम जीत कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है। बोर्ड अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जो नाम परिवर्तन किए गए हैं उनसे संबंधित साइन बोर्ड पब्लिक पैलेस पर लगाए जाए ताकि लोगों को भी जानकारी मिल सके। कैंट के तमाम ऐसे स्कूल हैं जिनके पास अपनी पार्किंग नहीं है, ये सरकारी जमीन पर पार्किंग संचालित कर रहे हैं। इसके अलावा छावनी इलाके में बोर्ड की संपत्तियों पर लोग अपना प्रचार करते हैं, उस पर बोर्ड अध्यक्ष ने नाराजगी का इजहार किया। कैंटोनमेंट हॉस्पिटल में डाक्टरों व अन्य स्टाफ की भर्ती पर सहमति बनी। दिल्ली रोड फैजाम के सामने बनाए गए डंपिंग ग्राउंड को हटवाने की बात कही गयी। वहां से अवैध कब्जे हटवाए जांएगे। साथ ही छावनी के तमाम व्यापार संघ से बात कर अधिक से अधिक व्यापारियों के ट्रेड लाइसेंस पर भी बल दिया गया।
अन्य निर्णय जो लिए गए
डोर टू डोर ठेका 20.47 करोड का श्रीराम कंपनी आगरा दो साल, सैन्य क्षेत्र में मेनपावार सप्लाई का ठेका 13.39 करोड़ श्रीराम कंपनी। इसके अलावा लखनऊ की एक अन्य कंपनी को बोर्ड के संविदा स्टाफ सप्लाई का ठेका 19.19 करोड़। साथ ही कूडा निस्तारण प्लांट को लेकर भी चर्चा की गई।
ये रहे मौजूद
बैठक में सीईओ जाकिर हुसैन, मनोनीत सदस्य डा सतीश शर्मा, एसीईओ हर्शिता चामड़िया, इंजीनियरिंग सेक्शन हेड एई पीयूष गौतम, ओएस जयपाल तोमर, एसएस वीके त्यागी, रेवेन्यू हितेश पाल, प्रमोद कुमार, आदि मौजूद रहे।
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