सीएम योगी आदित्यनाथ के अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई वीआईपी रहे मौजूद
New Dehli. मेरठ/हरदोई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरदोई में बुधवार को उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेस वे को उत्तर प्रदेश के विकास की लाइफ लाइन बताया। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के अलावा सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 594 किलोमीटर लंबे और छह लेन वाले गंगा एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। लोकार्पण समारोह में सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर और ब्रजेश पाठक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद थे। अब मेरठ से प्रयागराज का सफर सिर्फ 6 घंटे में पूरा हो सकेगा। ये एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरता है, जिसमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कहा कि ये एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की नई लाइफलाइन है। यूपी के विकास को और रफ्तार मिलेगी।
समाजवादी पार्टी पर हमलावर पीएम मोदी
इस मौके पर आयोजित एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहाकि समाजवादी पार्टी तो विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों देश ने एक बार फिर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का नारी विरोधी चेहरा देखा है। केंद्र की एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी, अगर यह संशोधन संसद से पास हो जाता तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलता। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर लखनऊ और दिल्ली पहुंचतीं, वो भी किसी अन्य वर्ग की सीटें कम हुए बिना। लेकिन सपा ने इस संशोधन के खिलाफ वोट किया। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जिन सपाइयों के हाथ से योगी आदित्यनाथ के हाथ में सत्ता गई हैं, उन्हें यूपी की प्रगति पसंद नहीं है। यह तो प्रगति विरोधी भी हैं और नारी विरोधी भी हैं। केंद्र के एनडीए सरकार संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन लेकर आए, संशोधन पास हो जाता तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में आरक्षण मिलता। बड़ी संख्या में सांसद विधायक बनकर दिल्ली लखनऊ पहुंचतीं, वह भी किसी और की सीटें कम हुए बिना, लेकिन सपा व कांग्रेस ने इसके खिलाफ वोट किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संशोधन लागू होने से सभी राज्यों की एक ही अनुपात में सीटें बढ़तीं, लेकिन यूपी को गाली देकर पालिटिक्स करने वाली डीएमके जैसी पार्टियों को इस बात पर आपत्ति थी कि यूपी की सीटें क्यों बढ़ेगीं। समाजवादी पार्टी संसद में उन्हीं के सुर में सुर मिला रही थी। यह सपा वाले यहां से आपका वोट लेकर जाते हैं और संसद में यूपी के लोगों को गाली देने वालों के साथ खड़े हो जाते हैं। समाजवादी पार्टी कभी सुधर नहीं सकती। कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर हमेशा विकास विरोधी राजनीति करेंगे। यूपी को सपा व अन्य पार्टियों से सावधान रहना है। आज देश एक ही संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है विकसित भारत का संकल्प को पूरा करने में उत्तर प्रदेश की बहुत बड़ी भूमिका है। पीएम मोदी ने कहा कि पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था, वही उत्तर प्रदेश आज एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। यूपी के पास असीम क्षमता है, देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का पोटेंशियल यूपी के पास है, इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 जिलों और 519 गांवों को आपस में जोड़ेगा। जिससे कि 12 औद्योगिक गलियारों (इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एवं लाजिस्टिक क्लस्टर) के जरिये यह यूपी की अर्थव्यवस्था की धुरी साबित होगा।
जाने गंगा एक्सप्रेस के बारे में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे और छह लेन वाले महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण (उद्घाटन) किया। गंगा एक्सप्रेस वे को लेकर आपको जानकारी दे दें। 36,230 करोड़ से अधिक की लागत से बना यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज को जोड़ता है और राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है। यह पश्चिमी और पूर्वी यूपी के बीच की दूरी को कम कर आवागमन को सुगम बनाएगा। यह 594 किमी लंबा है, जो मेरठ के बिजौली से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू गांव तक जाता है। यह 12 जिलों- मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को कवर करता है। पीएम मोदी ने ही 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में इसकी आधारशिला रखी थी। एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी (एयरस्ट्रिप) है, जो आपातकालीन स्थिति में वायु सेना के विमानों को उतारने में सक्षम है। इसके किनारे औद्योगिक गलियारा भी विकसित किया जाएगा, जो क्षेत्र के विकास और रोजगार में सहायक होगा। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 36,230 करोड़ है, जो यूपी के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा निवेश है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी लाएगा।
देश का पहला एक्सप्रेस वे जिस पर इतने ज्यादा ट्रॉमा सेंटर
नई दिल्ली। गंगा एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश ही नहीं देश का पहला ऐसा एक्सप्रेस वे है जहां सरकार ने तमाम चीजों व सहूलियतों का खास ध्यान रखा है। यह देश का पहला एक्सप्रेसवे है, जिस पर ट्रॉमा सेंटर की सुविधा दी गई है। यानी दुर्घटना के बाद किसी का भी जीवन बचाने के लिए सबसे कम समय के उपयोग करने की सुविधा प्रदान की गई है। इस एक्सप्रेस वे पर किसी भी दुर्घटना के बाद के सबसे कीमती समय यानी दो या तीन घंटे के गोल्डन आवर के दौरान ट्रामा सेंटर की सुविधा से लोगों का जीवन बचाने के प्रयास की सुविधा प्रदान की गई है। इस पर स्मार्ट कंट्रोल रूम वाली सुविधा के साथ ड्राइविंग के दौरान नींद की झपकी आने पर जगाने वाले फीचर का भी ध्यान रखा गया है। गंगा एक्सप्रेसवे पर छह जिलों में सात ट्रॉमा सेंटर
12 जिलों को जोड़ रहे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर छह जिलों में 50-50 हजार स्क्वाटर मीटर के जन सुविधा केंद्रों में ही सात ट्रामा सेंटर की सुविधा दी गई है। देश के बड़े प्राइवेट अस्पतालों के साथ अनुबंध कर स्थापित ट्रामा सेंटर में दुर्घटनाओं में घायल लोगों को जल्द से जल्द बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। यह भारत का ऐसा पहला एक्सप्रेसवे है जहां दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर की सुविधा दी गई है, जिसके लिए देश के बड़े निजी अस्पतालों से अनुबंध किया गया है। जन सुविधा केंद्रों पर यात्रियों के लिए रिफ्रेशमेंट सेंटर, पेट्रोल पंप व ट्रॉमा सेंटर की सुविधा होगी। इसके साथ ही उन्नत ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों से सुरक्षा की निगरानी की जाएगी।
किस-किस जिले में है ट्रॉमा सेंटर की सुविधा
सात जिलों में 50-50 हजार स्क्वायर मीटर के जन सुविधा केंद्रों में ही ट्रॉमा सेंटर की सुविधा दी गई है। बदायूं के बाद शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ जिला में ट्रॉमा सेंटर की सुविधा प्रदान की जी रही है। इनमें उन्नाव जिले में दो ट्रॉमा सेंटर बनाए जाएंगे। इनके साथ पेट्रोल पंप, सीएनजी स्टेशन के साथ-साथ एक साथ चार कार और दो ट्रकों को एक साथ चार्ज करने वाले ईवी चार्जिंग पॉइंट्स हैं। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को आपस में जोड़ेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के इंतजाम
यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूरे एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे। किसी भी वाहन के रुकने या दुर्घटना होने की स्थिति में तुरंत सूचना मिल जाएगी और संबंधित टीम मौके पर पहुंचकर सहायता करेगी। इसके अलावा, हर दस किलोमीटर पर स्पीड मानिटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है।
कुल 14 टोल प्लाजा
594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर मेरठ से प्रयागराज के बीच कुल 14 टोल प्लाजा बनाए गए हैं। इनमें मेरठ के बिजौली (खड़खड़ी) और प्रयागराज में दो मुख्य टोल प्लाजा होंगे जबकि 12 अन्य टोल प्लाजा विभिन्न प्रवेश और निकास बिंदुओं पर स्थित हैं। आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट टोल कंपनी ने मंगलवार रात आधिकारिक दरों को सार्वजनिक कर दिया। जिसके आधार पर कार, जीव व हल्के वाहनों के लिए टोल दरें 2.55 रुपये प्रति किमी, कामर्शियल वाहनों की 4.05 रुपये और ट्रकों पर 8.20 रुपये प्रति किमी होगी।
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