नई दिल्ली।। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और उनके रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के दावों के एकदम उलट ईरान से जंग मोल लेने की अमेरिका को एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। जंग के दौरान करीब 28 अरब डॉलर के जंगी उपकरण बुरी तरह से डेमेज कर दिए। ये अब यूज करने लायक नहीं बचे हैं। इस पर चर्चा की गयी तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेट सदस्यों के सामने असहज होने लगे। अमेरिकी रक्षा सचिव ने चल रहे युद्ध में ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य सफलताओं का बखान किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बगल में बैठे हुए उन्होंने कहा, “इतिहास में कभी भी किसी राष्ट्र की सेना को इतनी जल्दी और इतनी प्रभावी ढंग से निष्क्रिय नहीं किया गया है।” अगले ही दिन, ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से सऊदी अरब में स्थित एक अमेरिकी अड्डे पर हमला किया, जिसमें कई अमेरिकी सैनिक घायल हो गए और 700 मिलियन डॉलर की लागत वाला एक रडार निगरानी विमान नष्ट हो गया। ईरान की मिसाइलों और ड्रोन हमलों, और तथाकथित मित्रवत गोलीबारी की एक विनाशकारी घटना ने अमेरिका के 23 से 28 अरब डॉलर मूल्य के सैन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने तर्क दिया है कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के लिए कांग्रेस की मंजूरी हासिल करने की 1 मई की महत्वपूर्ण समय सीमा अब मायने नहीं रखती है क्योंकि तेहरान के साथ युद्धविराम जारी है। ईरान के खिलाफ युद्ध की स्थिति में, वह समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो रही है।
स्ट्रेट होर्मूज पर निरूत्तर
कांग्रेस में बहस के दौरान जब स्ट्रेट हाेर्मूज पर चर्चा की बारी आयी तो डेमोक्रेटस से सवाल किया कि वह अब तक नहीं खुलवााय जा सका है। जिसकी वजह से अमेरिका समेत पूरी दुनिया में गैस व तेल के दाम बेतहाशा बढ़ गए- 8 अप्रैल को अमेरिका की ओर से एकतरफा युद्ध विराम का एलान किए जाने के बाद ईरान पर व्यापक हमले लगभग रूक गए हैं, लेकिन स्ट्रेट हाेर्मूज को लेकर जो दावे ट्रंप ने किए थे वो खरे नहीं साबित हुए। इस जल मार्ग पर आज भी वो होता है जो ईरान चाहता है।
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