इस साल 82 हजार घट गई बोर्ड परीक्षा देने वालों की संख्या
इस साल 82 हजार घट गई बोर्ड परीक्षा देने वालों की संख्या
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पेपर लीक व नकल माफियाओं पर नकेल की तैयारी, परीक्षार्थियों को नकल माफियाओं के चंगुल से बचाने को कौंसिलिंग हेल्प डेस्क का संचालन
मेरठ। हाईस्कूल यानि दसवीं और इंटरमीडिएट यानि 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने वालों की संख्या में इस साल बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। इस साल बोर्ड की परीक्षा देने वालों की संख्या करीब 82 हजार घट गई है। यह सरकार के लिए चिंता की वजह बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर पेपर लीक और नकल माफियाओं पर नकेल कसने के लिए इस बार कई नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसीक्रम में नकल की प्रवृत्ति पर मनोवैज्ञानिक चोट करने के लिए यूपी बोर्ड ने इस बार एक अनोखी पहल की है। परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव को कम करने और बच्चों को गलत रास्तों (नकल माफियाओं के झांसे) से बचाने के लिए बोर्ड परीक्षा शुरू होने के काफी पहले से ही कौंसिलिंग हेल्प डेस्क का संचालन कर रहा है। इसके जरिए छात्रों को अपनी योग्यताओं पर भरोसा रखने और बिना किसी दबाव के परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर मीडिएट की परीक्षाओं में कुल 52.55 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे, जो कि पिछले वर्ष की तुलना में करीब 82 हजार कम हैं। हाईस्कूल में लगभग लगभग 27,41,674 छात्र और इंटरमीडिएट यानि कक्षा 12 की परीक्षा में लगभग 26,90,845 छात्र शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 की परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। बोर्ड ने परीक्षा तिथियों की घोषणा के साथ-साथ इस बार सुरक्षा व मॉनीटरिंग के अभूतपूर्व और कठोर उपाय लागू किए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार और यूपी बोर्ड ने नकल माफियाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए निम्नलिखित गाइडलाइंस और सुरक्षा तंत्र तैयार किया है।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व बारकोडिंग
जिला विद्यालय निरीक्षक जगदीश प्रसाद शुक्ल ने बताया कि नकल विहिन परीक्षा संपन्न कराने में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए जिन स्कूल कालेजों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं वहां के संचालकों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर सीरियल नंबर और तारीखवार वितरण की यदि बात करें तो परीक्षा केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण तारीख और सीरियल नंबर के अनुसार बेहद कड़े रिकॉर्ड के साथ किया जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की ओवरराइटिंग, कटिंग या फ्लूइड का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। सचल दस्तों द्वारा औचक सत्यापन किया जाएगा। सचल दस्ते (Mobile Squads) किसी भी समय केंद्र पर जाकर इन सीरियल नंबर्स का छात्रों से मिलान कर सकते हैं। यदि कोई भी सीरियल नंबर गायब पाया जाता है, तो इसकी रिपोर्ट तुरंत क्षेत्रीय सचिव और बोर्ड सचिव को दी जाएगी। बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के पारंपरिक क्षैतिज आकार को बदलकर लंबवत (Vertical) कर दिया है, ताकि सुरक्षा मानकों को बेहतर किया जा सके।
स्ट्रॉन्ग रूम की ‘अभेद्य’ सुरक्षा और लॉगबुक अनिवार्य
प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं को रखने के लिए बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम (Storage Rooms) के दरवाजों और खिड़कियों को डबल-लॉक से सुरक्षित किया जाएगा। स्ट्रॉन्ग रूम को जब भी खोला या बंद किया जाएगा, उसकी हर एक एंट्री लॉगबुक (Logbook) में दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही वहां पुख्ता अग्निशामक उपकरण और कीट नियंत्रण (Insecticide Treatment) व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों के हर कमरे में वॉयस रिकॉर्डर से लैस सीसीटीवी (CCTV) कैमरे चालू रहेंगे। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। जिला और राज्य स्तर पर बने अत्याधुनिक कंट्रोल रूम के जरिए सीधे परीक्षा केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग देखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति के लिए क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) अलर्ट मोड पर रहेंगी।
इन पर रहेगी सख्ती से रोक
परीक्षा केंद्रों के भीतर परीक्षार्थियों के साथ-साथ कक्ष निरीक्षकों (Invigilators) के लिए भी मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार के डिजिटल गैजेट को ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। केंद्र व्यवस्थापकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी प्रिंटिंग प्रेस से उत्तर पुस्तिकाएं लाने वाले ट्रकों को तुरंत अनलोड कराया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर गोपनीयता से समझौता न हो। परीक्षा समाप्ति के एक सप्ताह के भीतर बिना उपयोग वाली उत्तर पुस्तिकाओं का पूरा प्रमाणित हिसाब बोर्ड को सौंपना होगा।
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