मेरठ। जनपद में बीते कुछ दिनों में लगातार नए मामले मिलने के बाद अब तक 11 सक्रिय मरीजों (Active Cases) की पुष्टि हो चुकी है। इस बीमारी में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों खासतौर से स्कूल जाने वाले बच्चों को होता है। हाल ही में मां-बेटे सहित कुछ नए संक्रमित मरीज शामिल। हालांकि अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक स्वाइन फ्लू जिसको डाक्टरी भाषा में एन1एच1 बोला जाता है कि सौ से ज्यादा मामले हैं, यह भी कहा जा रहा है कि भर्ती होने के डर से ज्यादातर मरीज प्राइवेट इलाज करा रहे हैं या फिर झोला छापा और नीम हकीम व मेडिकल स्टोरों से दवा ले रहे हैं। इसको बेहद खतरनाक माना जा रहा है। वहीं दूसरी राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ) में मानसून के दौरान स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में इस साल अब तक H1N1 के 1,700 से अधिक (करीब 1,777) मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि कुल इन्फ्लूएंजा-A के मामले 2,300 पार हो गए हैं। हालांकि, एनसीआर क्षेत्र में वर्तमान में केवल एक दर्जन (लगभग 11) सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है।
जांच के लिए एलएलआरएम मेडिकल
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मेरठ मंडल के जिलों के लिए मेरठ के लाला लाजपत राय स्मारक (LLRM) मेडिकल कॉलेज में सैंपल्स की टेस्टिंग की पुख्ता व्यवस्था की गई है। मेडिकल के प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता बताते हैं कि जांच के तमाम माकूल इंतजाम मौजूद हैं। कोई भी आकर जांच करा सकता है। मेडिकल में जो मरीज आते हैं उनमें सिम्टम पाए जाने पर मेडिकल के डाक्टर स्वयं ही जांच के लिए रेफर करते हैं। जो मरीज गंभीर होते हैं उनको एडमिट किया जाता है। ऐसे मरीजों के लिए अगल से वार्ड है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक मौसमी वायरस की तरह ही है जिसके लिए सावधानी जरूरी है।
ये करें बचे रहेंगे H1N1 से
H1N1 से इस समय पूरे दिल्ली एनसीआर में तेजी से फैल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी जारी करते हुए इसके बीते साल के अनुपात में इस साल इसके दस गुना ज्यादा तेजी से फैलने की बात कही है। लोगों को सलाह दी गयी है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें या मास्क का प्रयोग करें। लगातार हाथ धोने या सैनिटाइज़र का उपयोग करने की आदत डालें। यदि तेज बुखार, लगातार खांसी, या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो डॉक्टर से सलाह लें। यह H1N1 हो सकता है।
यदि बच्चे स्कूल जाते हैं तो
स्वाइन फ्लू (H1N1) के प्रकोप के दौरान बच्चों को स्कूल भेजना तब तक पूरी तरह सुरक्षित है, जब तक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसमें फ्लू के कोई लक्षण नहीं हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल प्रकोप के आधार पर स्कूलों को बंद करना या स्वस्थ बच्चों को घर पर रखना जरूरी नहीं माना जाता है।
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