हाइवे समेत पूरे महानगर के तमाम कांवड़ यात्रा शिवमय आ रहे हैं नजर, पुलिस प्रशासन के अलावा तमाम वो जिनकी लगी है ड्यूटी वो भी शिवमय
मेरठ। कांवड़ छोटी हो या भारी भरकम हों, ना तो शिव भक्तों की भक्ति में कोई कमी नजर आती है ना ही उनके उत्साह और उल्लास में , कांवड़ यात्रा मार्ग की बात करें तो जहां तक नजर जाती हैं कांवड़ियां और कंधें पर टंगी कांवड़ के अलावा कुछ नजर आता। गंतव्य की ओर तेजी से बढ़ रहे कांवड़ियों के इस सैलाब में बीच-बीच में महादेव, महाकाली और वीर हनुमान जी की विशाल काय प्रतिमा नजर आती हैं। कांवड़ यात्रा मार्ग पूरी तरह से शिवमय नजर आता है। पुलिस प्रशासन के आला अफसरों और नीचे के स्टाफ के इसर जितने भी सरकारी महकमों के लोगों की ड्यूटी कांवड़ को व्यवस्थित करने में लगायी गयी है वो सभी शिव भक्ति में डूबे नजर आते हैं। तमाम ऐसे कर्मचारी भी है जो गैर हिन्दू यानि मुस्लिम हैं, लेकिन जब बात शिवमय होने की आती तो वो भी हिन्दुओं से कम नजर नहीं आते। सबसे बड़ी बात सेवा की यदि की जाए तो जो ड्यूटी कर रहे हैं वो भी कांवड़ियों की सेवा से कम नहीं हैं। शिवभक्तों को कोई असुविधा ना हो इसका खास ध्यान रखा जा रहा है।
लाखों कांवड़ सभी की अपनी मन्नत
सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। कोई हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा है, तो कोई जल लेने जा रहा है। इस बार कांवड़ यात्रा में भक्ति के साथ अलग-अलग रंग भी देखने को मिल रहे हैं। मेरठ में एक महिला बीमार पति को पीठ पर लादकर चल रही है। वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर मेरठ पहुंची हैं। उनके साथ दोनों बच्चे भी हैं। रीना ने बताया, बीमारी के कारण मेरे पति चल नहीं पाते। उनके ठीक होने की मन्नत लेकर पैदल कांवड़ यात्रा पर निकली हूं। मुझे भरोसा है कि भोलेनाथ मेरी जरूर सुनेंगे। जैसे-जैसे शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त की जा रही है। लाखों कांवड़ और इनकों उठाने वालों की मन्नत करोड़ों हैं। सड़कों पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ती जा रही है। कोई हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा है, तो कोई जल लेने जा रहा है। इस बार कांवड़ यात्रा में भक्ति के साथ अलग-अलग रंग भी देखने को मिल रहे हैं। मेरठ में एक महिला बीमार पति को पीठ पर लादकर चल रही है। वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर मेरठ पहुंची हैं। उनके साथ दोनों बच्चे भी हैं। रीना ने बताया, बीमारी के कारण मेरे पति चल नहीं पाते। उनके ठीक होने की मन्नत लेकर पैदल कांवड़ यात्रा पर निकली हूं। मुझे भरोसा है कि भोलेनाथ मेरी जरूर सुनेंगे। जैसे-जैसे शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त की जा रही है।जहां बड़े-बुजुर्गों से लेकर बच्चे तक अपनी-अपनी आस्था और मन्नत के साथ यात्रा में शामिल हो रहे हैं। इन्हीं नन्हे शिवभक्तों में दिल्ली शाहदरा से आई 11 साल की राधिका भी शामिल है।
शिव भक्तों के लिए गंगा जल का प्रबंध
शिवरात्रि के मौके पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के लिए डाक विभाग ने विशेष व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं को मंदिरों के बाहर ही गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए प्रमुख शिवालयों पर बिक्री काउंटर लगाए जाएंगे।मेरठ कैंट स्थित ऐतिहासिक-पौराणिक महत्व वाले श्रीऔघड़नाथ मंदिर और बेगमबाग स्थित शिव मंदिर के बाहर विशेष काउंटर लगाकर गंगाजल की बिक्री की जाएगी।डाक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 250 मिलीलीटर गंगाजल की बोतल की कीमत 30 रुपए रखी गई है। यह गंगाजल गंगोत्री और ऋषिकेश से लाकर पैक किया गया है। पारदर्शी बोतल में उपलब्ध गंगाजल श्रद्धालु मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए खरीद सकेंगे।
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