नई दिल्ली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे जिसका उद्घाटन अप्रैल माह में पीएम मोदी ने स्वयं किया था वह जुलाई की पहली ही बारिश में हांफने लगा। कई जगह से यह टूट गया। इसको लेकर सोशल मीडिया पर पीएम के रोड बनाने में स्पेस टेक्नालॉजी वाले बयान को लेकर जमकर मीम बनाए गए। इतना ही नहीं मोदी सरकार के कार्यकाल में देश में जितने भी रोड और पुल बने और बनते ही टूट गए उनको भी दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे से जोड़कर विपक्ष ने पीएम मोदी पर बड़े हमले बोले। कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, “नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल 2026 को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे का उद्घाटन किया, लेकिन 12,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस वे में 2 महीने बाद ही बड़े-बड़े गड्ढे हो गए, ये दिखाता है कि इस एक्सप्रेस वे को बनाने में जमकर भ्रष्टाचार और पैसों का बंदरबांट किया गया है।” “ये पहला ऐसा मामला नहीं है, पूरे देश में पुल हो या सड़क, हाईवे या पानी की टंकी, रेलवे स्टेशन हो या एयरपोर्ट की छत-हर ओर इंफ्रास्ट्रक्चर ढह रहा है। कुल मिलाकर बात साफ है कि मोदी सरकार देश और जनता के लिए घातक है।”
एनएचएआई की सफाई
नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया पर हुई पीएम मोदी की फजीहत के बाद सफाई दी है। बताया गया है कि यह घटना एक जगह पर पानी जमा होने की वजह से हुई, क्योंकि वहां पर पक्का क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम चालू नहीं किया जा सका था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि स्थानीय लोगों ने लगातार विरोध किया, उन्होंने बैलेंसिंग कलवर्ट को जोड़ने की अनुमति नहीं दी।” “इसके बजाय कलवर्ट के रास्ते का इस्तेमाल गाड़ियों के आने-जाने के लिए करने लगे। इस वजह से पानी की निकासी का जो सिस्टम बनाया जाना था, वह चालू नहीं हो पाया।” एनएचएआई ने बताया है, “इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और ईपीसी कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि अथॉरिटी इंजीनियर के टीम लीडर और कॉन्ट्रैक्टर के प्रोजेक्ट मैनेजर को सस्पेंड कर दिया गया है।”
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