नई दिल्ली। ओमान और पाकिस्तान ने ईरान व अमेरिका के बीच जंग खत्म कराने के लिए नए सिरे से प्रयास तेज किए हैं, लेकिन ईरान ने दो टूक कह दिया कि पहले सभी माेर्चों यानि इजरालय के लेबनान पर हमलों समेत जंग रोकी जाए तभी बातचीत हो सकी है। साथ ही ईरान ने स्ट्रेट हाेर्मूज को लेकर अपनी स्थिति साफ कर दी है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए लगने वाले शुल्क और टोल रणनीतिक जलमार्ग पार करने वाले जहाजों को दी जाने वाली “सुरक्षा सेवा” का हिस्सा हैं। ईरान से जंग खत्म करने को लेकर ट्रंप पर भारी दवाब है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नजदीक आने के साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर ईरान के साथ युद्ध को कम करने का दबाव बढ़ता जा रहा है, हालांकि ट्रम्प लगातार यह दावा कर रहे हैं कि संघर्ष “जल्द ही समाप्त हो जाएगा”। कैंपबेल ने कहा कि तेहरान का मानना है कि वह लंबे समय तक चलने वाले आर्थिक और सुरक्षा दबाव का सामना कर सकता है, जबकि व्हाइट हाउस के लिए “समय कोई तटस्थ कारक नहीं है”।
पाकिस्तान और ओमान की द्वारा बातचीत की कोशिशों को लेकर ईरान से ज्यादा अमेरिका उतावाला नजर आ रहा है। अमेरिका ने कहा है कि ईरान के साथ वार्ता में “कुछ प्रगति” हुई है, हालांकि तेहरान के समृद्ध यूरेनियम कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर प्रमुख मतभेद अभी भी बने हुए हैं। पाकिस्तान और कतर तेहरान में मध्यस्थता के प्रयास तेज कर रहे हैं, वहीं विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने चेतावनी दी है कि यदि कूटनीति विफल होती है तो वाशिंगटन के पास अभी भी “अन्य विकल्प” मौजूद हैं। अन्य विकल्पों को जंग के तौर पर लिया जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार जंग की बात तो करते हैं, लेकिन अमेरिका में अपनी कमजोर होती पकड़ के चलते जंग से लगतार दूरी बनाए हुए हैं। इस बात को ईरान भी समझ रहा है।
रूस व चीन का बीटो
स्ट्रेट होर्मूज खुलवाए जाने के लिए फ्रांस के एक प्रस्ताव पर रूस व चीन ने बीटो कर दिया है। इसको सीधे तौर पर अमेरिका के खिलाफ और ईरान के साथ का कदम माना जा रहा है। फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव का मसौदा तैयार किया है जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजरानी सेवा बहाल करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मिशन का प्रस्ताव है। वहीं, अमेरिका और बहरीन के एक अन्य प्रस्ताव का रूस और चीन विरोध कर रहे हैं, जिन्होंने संकेत दिया है कि वे इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। तेल की बढ़ती कीमतों और जहाजरानी में आई बाधाओं के बीच, इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर विवाद ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में एक प्रमुख बाधा बन गया है। हालांकि ईरान इस समुंद्री रास्तों से गुजरने वाले कारोबारी शिप्स से भारी भरकम शुल्क वसूल कर रहा है।
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