मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल में आज ऐनेस्थेसिया विभाग में एनेस्थेसियोलॉजी विभाग ने अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा प्रमाणित सीपीआर(बीएलएस एवं एसीएलएस) का 2 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।
डा. आरसी गुप्ता ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ आर सी गुप्ता एवं एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ योगेश मणिक द्वारा द्वीप प्रज्वलन कर किया गया। प्राचार्य डॉ आर सी गुप्ता ने उद्घाटन समारोह में उपस्थित लोगो को बताया कि बीएलएस बुनियादी चिकित्सा सहायता है, जो लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले या उन स्थितियों में दी जाती है, जहां चिकित्सा सुविधा तुरंत उपलब्ध नहीं होती है। एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ योगेश मणिक ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में प्रभावी सीपीआर से मरीज़ की जान बचायी जा सकती है। मरीज की छाती खत्म होने व पेट शुरू होने वाली जगह पर अपने एक हाथ की हथेली पर दूसरे हाथ को रख कर उसे दबाएं. एक मिनट में 100 से 120 बार ऐसा करें. इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचा दें। नोएडा से आये प्रशिक्षकों शिजो जॉर्ज, डॉ संतोष, मनु एवं अजुज़्न ने प्रशिक्षण दिया। एनसीआर मेडिकल कॉलेज के 4 संकाय सदस्यों ने भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।
ये रहे मौजूद
उद्घाटन समारोह में डॉ. एस के पालीवाल, डॉ. विपिन धामा, डॉ. नेहा, डॉ प्रेम प्रकाश मिश्रा, डॉ प्रमोद तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ संकाय सदस्य भी उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। प्राचार्य डॉ आर सी गुप्ता ने उक्त आयोजन हेतु एनेस्थीसिया विभाग की टीम की सराहना की व बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कायज़्क्रम सीपीआर के दौरान रोगियों के जीवित रहने की संभावना को बढ़ाते हैं।
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