मेरठ। हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर प्रत्येक शनिवार को कार्य बहिष्कार से खिन्न हाईकोर्ट ने वेस्ट यूपी के वकीलों को नोटिस थमा दिया है। ये नोटिव बैंच के लिए आंदोनल कर रहे वकीलों के संगठनों तक पहुंच गए हैं। जिसके बाद वकीलों में उबाल है। उनका कहना है कि बजाए बैंच देने के उनके आंदोलन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। यह स्वीकार्य नहीं है। इतना ही नहीं वकीलों ने हाईकोर्ट के नोटिस के विरोध में 20 मई को कार्यबहिष्कार के साथ ही हड़ताल का भी एलान कर दिया है। हाई कोर्ट की ओर से विभिन्न जनपदों के बार पदाधिकारियों को जारी किए कारण बताओ नोटिस के विरोध में 20 मई को पश्चिम यूपी के सभी 22 जनपदों और तहसीलों में अधिवक्ता कार्य नहीं करेंगे। पश्चिमी यूपी हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया।
भाजपा को वोट नहीं
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना नहीं करने पर भाजपा को वोट नहीं देने का भी निर्णय लिया। समिति की अगली बैठक 18 जुलाई को बागपत जिला बार में होगी। मेरठ बार के पंडित नानकचंद सभागार में शनिवार को पांच घंटे चली बैठक में सात प्रस्ताव पास किए गए। केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज शर्मा, केंद्रीय संघर्ष समिति के संयोजक और मेरठ बार के महामंत्री परवेज आलम ने बताया कि बैठक में पश्चिम यूपी में हाई कोर्ट बेंच के लिए 50 साल से अधिक समय से किए जा रहे आंदोलन को प्रभावी बनाने को रणनीति बनाई।
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