नई दिल्ली। झारखंडा बोकारो के पिंड्राजोरा थाना इलाके से अपहरण की गयी छात्रा पुष्पा मेहतो का चार माह बाद कंकाल मिला है। हालांकि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि क्या अपहरण करने वालों ने उसके साथ रेप भी किया है। इस मामले में पुलिस की गंभीर चूक और लापरवाही सामने आयी है। एसपी ने पिंड्राजोरा थाना के 10 सब-इंस्पेक्टर, 5 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 2 हवलदार और 11 सिपाही सस्पेंड कर दिए हैं। यानि पूरा थाना सस्पेंड कर दिया।
आरोपियों से सांठगांठ थी पुलिस वालों की
जांच से सामने आया है कि अपहरण के आरोपियों से थाने के सभी पुलिस वालों की सांठगांठ थी। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि इन्होंने आठ महीने पहले हुए पुष्पा महतो के अपहरण और हत्या के अभियुक्त के साथ सांठगांठ कर केस की जांच को कमज़ोर किया। पुष्पा के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। वो जानते हैं कि अब पुष्पा कभी वापस नहीं लौटेगी। पुष्पा महतो के पिता अनंत सिंह की आंखों में आंसू हैं.। उनके चेहरे पर बेटी से अब कभी न मिल पाने का ग़म और बेटी के लिए इंसाफ़ की लंबी लड़ाई लड़ने की चिंता साफ़ नज़र आती है।
हाईकोर्ट के आदेश पर जागा सिस्टम
इस मामले में हाईकोर्ट का जब चाबुक चला तब कहीं जाकर राज्य का सिस्टम जागा। “पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ ये कार्रवाई घटना के लगभग आठ महीने बाद झारखंड हाईकोर्ट के दख़ल से संभव हुई है।” हाईकोर्ट के दख़ल के बाद झारखंड पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा के आदेश पर ज़िला पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने एक एसआईटी का गठन किया था। इस कार्रवाई से ठीक पहले इस एसआईटी ने मुख्य अभियुक्त दिनेश महतो को 11 अप्रैल की सुबह गिरफ्तार किया। मुख्य अभियुक्त से हुई पूछताछ के बाद 11 अप्रैल की शाम एसआईटी ने पुष्पा महतो के कथित कंकाल के अवशेष उसके कॉलेज से एक किलोमीटर दूर जंगल से बरामद किए।
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