विदेशों में होगा चंद्रग्रहण भारत में नहीं, इस दौरान भारत में पूजा अर्चना पर नहीं कोई रोक ना ही भारत में इसका प्रभाव
नई दिल्ली।आगामी 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण का साया रहेगा, जिसकी कुल अवधि 5 घंटे 38 मिनट की होगी। हालांकि ज्योतिषियों का कहना है कि इसे लेकर कई तरह के भ्रम फैलाए जा रहे हैं, लेकिन भारत में रहने वाले लोगों को घबराने या चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक और ज्योतिषीय विद्वान पंड़ित विवेक शर्मा (पीएल शर्मा रोड मेरठ स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर मेरठ) ने स्पष्ट किया है कि जो ग्रहण जहां दिखाई नहीं देता, वहां उसका कोई धार्मिक प्रभाव या सूतक काल मान्य नहीं होता है।
पूजा व पर्व पर नहीं रोक
पूजा और त्योहार पर रोक नहीं रहेगी। भारत में मंदिर हमेशा की तरह खुले रहेंगे। पूजा-पाठ, खाना बनाने या त्योहार मनाने पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण-पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए वहां रहने वाले भारतीयों को नियमों का पालन करना पड़ सकता है।
राखी का शुभ मुहूर्त
सावन महीने की पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह समाप्त हो रही है। इस दिन भद्रा काल सुबह तड़के ही समाप्त हो जाएगा, जिससे दिन पूरी तरह शुद्ध रहेगा। सुबह 05:57 AM से सुबह 09:48 AM तक (पूर्णिमा तिथि समाप्त होने तक)। इस 3 घंटे 51 मिनट की अवधि में बहनें बिना किसी संकोच के भाइयों को राखी बांध सकती हैं। चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार यह आंशिक ग्रहण सुबह 8:04 AM पर शुरू होकर 11:22 AM पर समाप्त होगा। भले ही यह समय राखी के मुहूर्त के बीच आ रहा है, लेकिन भारत में दृश्य न होने के कारण इसका कोई दोष नहीं लगेगा।
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