मेरठ। जेन एल्फा के आंदोलन से डरी अफसर स्कूलों की खामियां सही करने के बजाए इन खामियां को उजागर करने वालों पर अब मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। इसको लेकर तमाम लोगों ने सरकार और सरकार के अफसरों पर नुकताचीनी की है और आरोप लगाया कि स्कूलों में मौजूद बदइंतजामी को ठीक करने के बजाए इसको ढकने का काम किया जा रहा है। इससे शिक्षा तंत्र में सड़ांध उठने लगेगी। बेहतर होगा कि बजाए मुकदमे लिखवाने के जो खामियां हैं उनको सही किया जाए।
यह है मामला
नौंचदी थाना इलाके के तिरंगा गेट के पास स्थित नानक चंद ट्रस्ट जूनियर हाईस्कूल की सोशल मीडिया पर गलत वीडियो वायरल करने पर थाना नौचंदी पर खंड शिक्षा अधिकारी नगर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस वीडियो में स्कूल की खामियां जग जाहिर की गयी हैं, लेकिन शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि ऐसा करने से संस्था, बेसिक शिक्षा विभाग व सरकार की छवि खराब हो रही है। सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर चार दिन पहले एक वीडियो वायरल की गई। आम आदमी पार्टी के नाम से जारी इस वीडियो में यूपी सरकार पर तंज कसते हुए शिक्षा के अधिकार के हनन का आरोप लगाया गया। वीडियो बना रहे युवक इस स्कूल को दिखाते हुए कह रहा है कि यह मुस्लिमों व गरीब बच्चों का स्कूल है, इसलिए प्रदेश सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है। किसी भी दिन यहां बड़ा हादसा हो सकता है। 23 सेकेंड का यह वीडियो प्रसारित होते ही इसे शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया। इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जांच की गई तो पता चला वीडियो नौचंदी के तिरंगा गेट के पास स्थित नानक चंद ट्रस्ट जूनियर हाई स्कूल का है। यह विद्यालय जर्जर होने के कारण कई साल पहले बंद कर दिया गया था। यहां न तो बच्चे पढ़ते है और न ही इसका किसी रूप में प्रयोग किया जाता है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने दर्ज करायी एफआईआर
मामले से शासन को अवगत कराया गया। इस पर सरकार, विभाग व संस्था की छवि बिगाड़ने वाले आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया गया। इसी क्रम में शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी जयप्रकाश सिंह ने थाना नौचंदी पर अज्ञात आरोपित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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