नेताओं के खिलाफ जमकर भड़ास निकाल रहे हैं व्यापारी, पूछा आफत आज ताे बंद कल क्यों
मेरठ। मंगलवार देर शाम को सुप्रीमकोर्ट का आदेश मिल जाने के बाद आवास विकास परिषद ने पुलिस प्रशासन की मदद से सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई की चपेट में स्कूल, नर्सिंगहोम, विवाह मंडप और शोरूम सभी आ गए हैं। सीलिंग की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में गम और गुस्सा दोनों ही हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा को यदि अपवाद मान लिया जाए तो इक्का दुक्का नेताओं को छोड़कर तमाम दलों के नेता शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट पहुंचे। हालांकि कांग्रेस नेताओं को प्रशासन के निर्देश पर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा के शास्त्रीनगर के लिए घर से निकलने से पहले ही पुलिस ब्रहमपुरी स्थित उनके आवास पर पहुंच गयी। दो टूक कह दिया कि बाहर नहीं जा सकते। हालांकि सपा विधायक अतुल प्रधान सेंट्रल मार्केट पहुंच गए। उन्होंने नसीहत दी कि राजनीति छोड़कर कुछ ऐसा किया जाए ताकि राहत मिल सके।
जमकर निकाली भड़ास
जिनके भवन सील किए जा रहे हैं वो जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। ऐसे भवनों के स्वामी जिनमें महिला और परिवार के बाकि सदस्य यहां तक कि बच्चे भी शामिल हैं उनका रो-रोकर बुरा हाल है। उनको समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। जीवन भर जो कमाया था वो सब खत्म होता नजर आ रहा है। तमाम ऐसे लोग थे जिनका कहना था कि यदि उनकी कमाई का इकलौता जरिया छीना जा रहा है तो फिर उन्हें और उनके परिवार को जहर दे दिया जाए। जब कमाई का कोई जरिया ही नहीं होगा तो कैसे तो पेट पालेंगे, कैसे बच्चों की फीस भरेेंगे, डाक्टर की फीस और दवा के पैसे कहां से लाएंगे। उनके बच्चों की शादी कैसे होंगगी। इन दुकानदारों का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिन पर गुजरती है सिर्फ वहीं इस दर्द को जान सकता है।
बेहतर होता कानूनी लड़ाई में मदद करते
सेंट्रल मार्केट पहुंचकर सुप्रीमकोर्ट के आदेश विरोध के नाम पर नेतागिरी चमकाने पहुंचने वालों को भी महिलाओं ने खूब लताड़ा। उनका कहना था कि आप लोग अब यहां नेतागिरी चमकाने आ गए हो, यदि वक्त रहते कानूनी लड़ाई में मदद की होती तो शायद कोई रास्ता जरूर निकलता। लेकिन वो काम नहीं किया आज जरूर यहां नेतागिरी चमकाने आ गए हैं। ऐसे ही तमाम नेताओं को एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह और एडीएम सिटी ब्रजेश कुमार सिंह ने भी नसीहत देते हुए कहा कि यहां व्यापारियों के दुखदर्द की बात की जानी चाहिए लेकिन नेतागिरी नहीं चमकानी चाहिए। यदि नेतागिरी चमकानी हैं तो अपने इलाके में जाएं। एडीएम सिटी ने यह बात कहकर जीतू नागपाल और उनके साथियों को आइना दिखा दिया।
सील लगते ही फूट-फूटकर लगे रोने
आवास विकास के अफसरों की टीम ने जैसे ही भवनों पर सील लगानी शुरू की, व्यापारियों का परिवार फूट-फूटकर रोने लगा। ये लोग अधिकारियों से रहम की भीख मांग रहे थे, लेकिन अधिकारियों को फिलहाल सुप्रीमकोर्ट के रहम की खुद को दरकार है। इन परिवारों के रोने बिलखने का कोई असर अधिकारियों पर नजर नहीं आया और सूची के मुताबिक जो भी प्रतिष्ठान है उनको सील कर दिया गया। हालांकि सील लगाने से पहले व्यापारियों को सामान निकलाने का पूरा मौका भी दिया गया। कुछ ऐेसे भवन भी सील किए गए हैं, जिनके बड़े हिस्से तो खुद भवन स्वामी ध्वस्त कराा चुके हैं। उनका कहना था कि अब तो भवन मूल स्वरूप में आ गया है अब सील की कार्रवाई ना की जाए, लेकिन इसके बाद भी भवन सील कर दिए गए।
मुसीबत आज तो बंद कल क्यों
जिनके भवन सील कमिए गए हैं उनकी नाराजगी उनसे भी थी जो खुद को व्यापारी नेता कहते नहीं अंधाते हैं। व्यापारियों का कहना था कि मुसीबत तो आज आयी हुई है लेकिन मेरठ बंद कल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त व्यापार संघ भी अब केवल नाम का रह गया है। उनकी धार पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। संयुक्त व्यापार संघ का वजूद और उसकी धार खत्म करने का काम उन्होंने किया है जो व्यापारियों के सामने कुछ कहते हैं और अफसरों से जब मिलते हैं तब उनका चरित्र कुछ और होता है। नहीं चाहिए ऐसे व्यापारी नेता जो दोहरा चरित्र रखते हैं। सबसे ज्यादा नाराजगी महिलाओं ने सांसद, महापौर, भाजपा के महानगर अध्यक्ष व दूसरे भाजपा नेताओं के प्रति दिखाई जिन्होंने पीएम मोदी के मेरठ आने से पहले सेंट्रल मार्केट के शटर उठाने के बाद लडडू बांटे थे। उनके गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन नेताओ को भला बुरा कहने के शब्द भी कम पड़ रहे थे। हालत यह थी कि भाजपा के नेता दूर बैठकर यहां के व्यापारियों के गुस्से का फीड बैक ले रहे थे।
भारी पुलिस फोर्स
सील की कार्रवाई के दौरान सेंट्रल मार्केट में पुलिस प्रशासन व आवास विकास परिषद के अफसर भारी फोर्स लेकर पहुंचे। हालांकि मंगलवार की देर शाम सुप्रीमाकोर्ट का आदेश मिल जाने के बाद ही वहां फोर्स डिप्लाय कर दिया गया था। आज सुबह वक्त जाया किए बगैर आवास विकास परिषद के अफसर जब वहां पहुंचे तो हंगामा शुरू हो गया। अधिकारी जानते थे कि हंगामा होगा, इसलिए फोर्स को साथ लाए थे। आज मंडप एसोसिएशन वालों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने कुछ घंटे की मोहलत की बात कही, लेकिन सुप्रीमकोर्ट के आदेशों से बंधे होने की बात कहकर अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और सील की कार्रवाई कर दी गयी। ऐसा ही दूसरी दुकानों व शोरूमों के मामले में किया गया।
Leave a comment